यूपी के 17 मंत्रियों और विधायकों के तीन देशों के दौरे की चर्चा इन दिनों राजधानी लखनऊ में गर्म है. दरअसल विधान सभा की ओर से अध्यक्ष माता प्रसाद पांडे के नेतृत्व में कुल सत्रह सदस्यों का दल शुक्रवार रात जापान, न्यूजीलेंड और ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर निकल रहा है.
कई बड़े नाम शामिल
बताया जा रहा है कि ये स्टडी टूर सीपीएच यानी कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसोसिएशन के कार्यक्रम का हिस्सा है. दल के सदस्यों में मंत्री आजम खान, रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया, ओम प्रकाश सिंह, अभिषेक मिश्रा, भगवत शरण गंगवार और अरुण कुमार कोरी शामिल हैं. साथ ही समाजवादी पार्टी के विधायक आशा किशोर, गजाला लारी, अनूप गुप्ता, इरफान सोलंकी, योगेश प्रताप सिंह, मोहम्मद रेहान नईम, संग्राम सिंह यादव और अंबिका चौधरी भी हैं.
दो सदस्य विपक्ष के भी
सत्ताधारी पक्ष के अलावा दल में दो सदस्य विपक्ष के हैं जिनमें कांग्रेस पार्टी के सीएलपी लीडर प्रदीप माथुर और आरएलडी के ठाकुर दलबीर सिंह शामिल हैं. खबर है कि दल स्टडी टूर पर पहले जापान, फिर ऑस्ट्रेलिया के कैनबेरा, न्यूजीलेंड के क्राइस्टचर्च, ऑकलैंड और फिर क्वीन्सटाउन होते हुए दुबई के रास्ते हिंदुस्तान लौटेगा.
सत्रह दिनों के इस स्टडी टूर पर सबसे बड़ा सवाल ये है कि सरकार के आखिरी साल में विदेश का टूर कर मंत्री जो कुछ सीखेंगे आखिर उसका इस्तेमाल अपने विभागों में कब करेंगे? दबी आवाज में सभी पार्टियों के नेता ये भी कह रहे हैं कि अगर टूर पर जाना सरकार चलाने और प्रदेश का विकास करने के लिये जरूरी ही था तो इसे इतना गुपचुप क्यों रखा गया है. दरअसल होली और गुडफ्राइडे की छुट्टी के माहौल में सत्ता के गलियारों में मंत्री और विधायकों के इस टूर की भनक किसी को भी नहीं लगी.
टूर पर होने वाले खर्च का नहीं दिया ब्योरा
टूर पर गये दल के सदस्यों का प्रोग्राम क्या होगा और इसपर कुल कितना खर्च आएगा ये जानकारी भी कोई देने को तैयार नहीं है. हालांकि वरिष्ठ समाजवादी पार्टी नेता शिवपाल यादव ने इसे विधानसभा की ओर से तय किया गया कार्यक्रम बता कर सरकार का बचाव करने की कोशिश की.