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हैदराबाद: NIMS के डॉक्टर के पास मिली अकूत संपत्ति, ACB छापेमारी में जगुआर, ऑडी, 8 फ्लैट और 500 ग्राम सोना बरामद

तेलंगाना ACB ने NIMS अस्पताल के एडिशनल मेडिकल सुपरिंटेंडेंट नोरी लक्ष्मी भास्कर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया है. मंगलवार को उनके घर सहित आठ जगहों पर छापेमारी हुई, जिसमें कई फ्लैट, प्लॉट, जगुआर और ऑडी जैसी महंगी गाड़ियां, 517.8 ग्राम सोना और करोड़ों रुपये का बैंक निवेश मिला. उन्होंने अलग-अलग लोगों को 1.33 करोड़ रुपये उधार भी दे रखे थे. कुल संपत्ति की दस्तावेजी कीमत 6.13 करोड़ रुपये आंकी गई है, जबकि बाजार कीमत इससे ज्यादा हो सकती है.

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आय से अधिक संपत्ति केस में NIMS अधिकारी के ठिकानों पर छापा (Photo: ITG)
आय से अधिक संपत्ति केस में NIMS अधिकारी के ठिकानों पर छापा (Photo: ITG)

तेलंगाना एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने निज़ाम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ यानी NIMS के एडिशनल मेडिकल सुपरिंटेंडेंट नोरी लक्ष्मी भास्कर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज किया है. मंगलवार को ACB की टीमों ने भास्कर के घर के साथ-साथ उनके रिश्तेदारों, दोस्तों और करीबी लोगों से जुड़े सात और ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की. इस दौरान कई फ्लैट, प्लॉट, महंगी गाड़ियां, सोने के गहने और करोड़ों रुपये का निवेश मिलने की बात सामने आई है. जांच अभी भी जारी है और आगे और संपत्तियां मिलने की संभावना जताई जा रही है.

56 साल के भास्कर पर आरोप है कि उन्होंने अपनी सरकारी नौकरी के दौरान भ्रष्ट तरीकों और गलत साधनों से अपनी असली कमाई से कहीं ज्यादा संपत्ति बना ली. ACB के मुताबिक छापेमारी में मिले दस्तावेजों से पता चला कि भास्कर के पास कुकटपल्ली की पॉश हाई राइज सोसाइटी में एक फोर बेडरूम और दो थ्री बेडरूम फ्लैट हैं. इसके अलावा मणिकोंडा, पेटबशीराबाद और कुकटपल्ली इलाकों में पांच टू बेडरूम फ्लैट भी उनके नाम पाए गए. यही नहीं, यादाद्री, नंदीगामा और शमीरपेट में भी उनके प्लॉट मिले हैं. आंध्र प्रदेश के विशाखापट्नम में भी उनका 800 गज का एक प्लॉट सामने आया है.

गाड़ियों की बात करें तो भास्कर के पास एक जगुआर, एक ऑडी और एक टाटा नेक्सॉन कार मिली. इसके साथ ही रॉयल एनफील्ड, वेस्पा, एक्टिवा और यामाहा जैसी चार टू व्हीलर गाड़ियां भी बरामद हुईं. उनके घर से 517.8 ग्राम सोने के गहने भी मिले हैं. करीब 5 लाख रुपये के इलेक्ट्रॉनिक सामान भी जांच में सामने आए.

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बैंक खातों और निवेश की बात करें तो भास्कर के बैंक खातों में 41 लाख रुपये, पोस्ट ऑफिस में 12 लाख रुपये और प्राइवेट फाइनेंस कंपनियों में 35 लाख रुपये जमा मिले. इसके अलावा म्यूचुअल फंड में उनका 29.55 लाख रुपये का निवेश भी सामने आया. सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि भास्कर ने अलग अलग लोगों को 1.33 करोड़ रुपये हाथ उधार के तौर पर दे रखे थे. ACB का यह भी कहना है कि उन्होंने एक फ्लैट में 1.30 करोड़ रुपये लगाए थे, जो फिलहाल डेट रिकवरी ट्रिब्यूनल यानी DRT में विवाद के घेरे में है.

ACB ने अब तक मिली संपत्तियों की दस्तावेजी कीमत 6.13 करोड़ रुपये आंकी है, लेकिन कहा है कि बाजार में इनकी असली कीमत इससे कई गुना ज्यादा हो सकती है. यह केस भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 13(1)(बी) और 13(2) के तहत दर्ज किया गया है, जिसे 2018 में संशोधित किया गया था. फिलहाल जांच जारी है और अदालत में आरोप साबित होना अभी बाकी है.

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