अमेरिकी राष्ट्रपति को नहीं, स्वयं अमेरिका को कहा जाता है. यह नाम पड़ा कैसे पड़ा ठीक-ठीक तो नहीं कहा जा सकता लेकिन जो दंतकथाएं प्रचलित हैं उनके अनुसार इसका प्रयोग अमेरीका और ब्रिटेन के बीच 1812 में हुए युद्ध के दौरान शुरू हुआ.
कहते हैं कि न्यूयॉर्क राज्य में तैनात सैनिकों के पास मांस के पीपे आया करते थे जिन पर अंग्रेज़ी भाषा के दो अक्षर, यू एस लिखे रहते थे. सैनिकों ने मज़ाक में यह कहना शुरू किया कि यह के नाम का संक्षिप्त रूप है, जो मांस सप्लाई किया करता था. सैम्यु्ल को संक्षेप में सैम कहा जाता है. बस इसी से अंकल सैम नाम चल निकला.
एक और दंतकथा भी प्रचलित है कि इसका प्रयोग आयरलैंड से अमरीका आ बसे लोगों ने शुरू किया. को उनकी मूल गेलिक भाषा में जो कहा जाता है उसका संक्षिप्त रूप बनता है एस ए ऐम यानी सैम.
बहरहाल अमरीका की 87वीं संसद ने 15 सितंबर 1961 को एक प्रस्ताव पास किया, जिसमें कहा गया कि संसद अमेरिका के राष्ट्रीय चिन्ह अंकल सैम के जनक, न्यूयॉर्क के अंकल सैम विलसन ऑफ़ ट्रॉय को सलाम करती है. यानी अंकल सैम अमेरिका के राष्ट्रीय चिन्ह बन गए.