बीजेपी प्रवक्ता शहनवाज हुसैन ने अपने एक बयान से जहां खुद से लिए आलोचना का रास्ता खोल दिया है वहीं पार्टी की जमकर किरकिरी का कारण भी बन गया है. देश के सबसे बड़े न्यूज चैनल आजतक पर राफेल विवाद के चलते हिंदुस्तान एरोनॉटक्स लिमिटेड (एचएएल) पर बहस के दौरान एचएएल में कर्मचारियों को सैलरी देने के लिए कैश संकट के सवाल पर हुसैन ने दावा किया कि उनकी सरकार कैश में भरोसा नहीं रखती क्योंकि मोदी सरकार कैशलेस इकोनॉमी की बात करती है.
गौरतलब है कि इस मुद्दे पर टीवी बहस के दौरान न्यूज एंकर निशांत चतुर्वेदी ने सवाल किया कि एचएएल के चेयरमैन और सीएमडी ने दावा किया है कि एचएएल कैश-इन-हैंड नकारात्मक है. इसके चलते कंपनी अपने कर्मचारियों को सैलरी देने की स्थिति में नहीं है. इस नकारात्मक कैश-इन-हैंड, जो कि एक अकाउंटिंग का शब्द है और जिसका मतलब है कि कंपनी के पास खाते में कर्मचारी को सैलरी देने के लिए अथवा अपना अन्य जरूरी खर्च करने के लिए पैसे नहीं है.
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Hey Ram 😂 kiske haath mein de diya desh 😠
— GABBAR - BIHAD KA BAAGHI (@jay_bhadrakali8)
अपने इस जवाब से जहां शहनवाज हुसैन ने जाहिर कर दिया कि उन्हें कैश-इन-हैंड शब्द का मतलब नहीं पता था और वह इसे कैश मुद्रा और डिजिटल मुद्रा से कन्फ्यूज कर बैठे. हालांकि उनकी इस गलती पर न्यूज एंकर ने उन्हें मजाक न करने के लिए कहा क्योंकि टीवी चैनल पर एक अहम मुद्दे पर बहस की जा रही थी.
गौरतलब है कि इस टीवी बहस के दौरान शहनवाज हुसैन के साथ कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता पवन खेरा भी शामिल थे. बीते कुछ दिनों से एचएएल की आर्थिक स्थिति पर लेकर विवाद खड़ा हुआ है. हाल ही में लोकसभा में इस मुद्दे पर हुई बहस में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण पर संसद और देश को गुमराह करने का आरोप लगाया था.