घर वापसी के मुद्दे पर घिर रही के साथ एक और विवाद जुड़ गया है. महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री एकनाथ खडसे ने कहा कि उर्दू माध्यम के स्कूलों में अनिवार्य रूप से मराठी पढ़ाई जानी चाहिए. इससे एक एक कदम आगे बढ़ते हुए उन्होंने यह भी कह डाला कि जो स्कूल इसे लागू नहीं करेंगे उसकी मान्यता रद्द कर देनी चाहिए.
महाराष्ट्र उर्दू एजुकेशन सोसाइटी के महासचिव और पूर्व विधायक सिराज देशमुख ने आपत्ति जताई है. देशमुख ने बताया कि करीब दो दशक पहले के बने कानून के तहत राज्य भर के उर्दू स्कूलों में मराठी पढ़ाई जाती है. ऐसे में खडसे का बयान जानकारी के अभाव में दिया गया मालूम होता है.
एक अंग्रजी साइट में पब्लिश हुई खबर की मानें तो खडसे ने अपने बयान को स्पष्ट करते हुए बताया कि उन्होंने टारगेट करते हुए यह बयान दिया था. कानून होने के बावजूद कुछ स्कूल इसका पालन नहीं करते हैं और इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
आपको बता दें कि एकनाथ खडसे अल्प संख्यक मामलों के भी मंत्री हैं. इससे पहले भी उन्होंने मदरसों में गणित और विज्ञान की अनिवार्य पढ़ाई वाला बयान दिया था.