उत्तर प्रदेश शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी ने जनसंख्या नियंत्रण को लेकर बयान दिया है. उन्होंने सोमवार को कहा कि देश की भलाई के लिए जनसंख्या नियंत्रण के लिए कानून लागू होना चाहिए. वसीम रिजवी ने कहा कि कि कुछ लोगों का मानना है कि बच्चों का पैदा होना एक प्राकृतिक प्रक्रिया है और इसमें हस्तक्षेप नहीं किया जाना चाहिए. जानवरों की तरह अधिक बच्चों को जन्म देना समाज और देश के लिए हानिकारक है. जनसंख्या नियंत्रण के लिए कानून लागू होने पर यह देश के लिए अच्छा होगा.
UP Shia Wakf Board Board Chairman Wasim Rizvi: Some ppl believe that childbirth is natural process&shouldn't be interfered with. To give birth to more children like animals is harmful for society & country. It will be good for country if law is implemented for population control
— ANI UP (@ANINewsUP)
बता दें, देश भर में पर मचे बवाल के बीच सरकार ने जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाने पर विचार शुरू कर दिया है. प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले साल अपने लालकिला से दिए भाषण में जनसंख्या नियंत्रण का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था. प्रधानमंत्री ने कहा था कि भारत की जनसंख्या तकरीबन 1.37 अरब है, जो विश्व में दूसरे स्थान पर है. जाहिर है कि जनसंख्या नियंत्रण पर नीति बनाना मोदी सरकार की प्राथमिकता में है.
दूसरी ओर, राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) ने अब अपने एजेंडे में देश की बढ़ती को शामिल कर लिया है. आरएसएस के सर संघचालक मोहन भागवत ने जनसंख्या वृद्धि के मुद्दे पर कहा है कि अब देश में दो बच्चों के कानून की जरूरत है. उन्होंने साफ किया कि काशी और मथुरा संघ के लिए मुद्दा नहीं हैं. संघ प्रमुख भागवत ने यह बात उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में चल रहे संघ के एक कार्यक्रम के दौरान शुक्रवार को कही.