तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता भले ही अब इस दुनिया में ना हो, लेकिन उनकी छाप अभी भी तमिलनाडु की राजनीति में नज़र आती है. चेन्नई की राधाकृष्णनगर सीट पर होने वाले उपचुनाव में प्रचार के लिए एक अनोखे तरीके का इस्तेमाल किया गया, जिसकी हर तरफ चर्चा हो रही है. यहां 12 अप्रैल को उपचुनाव होने हैं.
चुनाव प्रचार के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम धड़े के उम्मीदवार मधुसूदनन के चुनाव प्रचार के दौरान पार्टी नेता अझगु तमिल सेल्वी की मौजूदगी में जयललिता के शव की नकल गाड़ी पर रख कर प्रचार किया गया. जिसके बाद से ही यह तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं. जयललिता के शव के ऊपर तिरंगा भी लिपटा हुआ था.
camp leader says has come asking for justice. Note how the two lights symbol has been perched on 's dummy body.
— T S Sudhir (@Iamtssudhir)
विपक्ष ने दर्ज कराई आपत्ति
प्रचार के दौरान तमिल सेल्वी ने आरोप लगाया कि जयललिता की मौत करवाई गई है. हालांकि इसके बाद स्थानीय पुलिस ने प्रचार के इस तरीके पर आपत्ति दर्ज कराई, तो वहीं विपक्ष ने भी इस तरीके से प्रचार करने को लेकर चुनाव आयोग में शिकायत करने की बात कही. उपचुनावों में चुनाव आयोग की ओर से किसी भी धड़े को AIADMK के चुनाव चिन्ह को इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं दी गई है.
पिछले वर्ष हुई थी मौत
आपको बता दें कि तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता की मौत पिछले वर्ष 5 दिसंबर को हुई थी, उनकी मौत बीमारी के कारण हुई थी. हालांकि उनकी मौत पर कई तरह के संशय और आरोप भी लगाये गये थे. जयललिता की मौत के बाद उनकी पार्टी AIADMK दो धड़ों में बंट गई थी. एक धड़ा ओ. पन्नीरसेल्वम तो वहीं दूसरा धड़ा वीके. शशिकला के पक्ष में था. जयललिता की मौत के बाद पन्नीरसेल्वम मुख्यमंत्री बने थे, जिसके बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया था. उनके बाद शशिकला गुट के पलानीस्वामी मुख्यमंत्री बने.