सुप्रीम कोर्ट भ्रष्टाचार निरोधक ‘लोकपाल’ की नियुक्ति को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के लिए गुरुवार को राजी हो गया है और इसे पहले से ही लंबित याचिका के साथ जोड़ दिया है.
जस्टिस तीरथ सिंह ठाकुर और जस्टिस वी गोपाल गौड़ा की पीठ ने कहा कि गैर सरकारी संगठन यूथ फॉर इक्वालिटी की इस नई को पहले से ही लंबित गैर सरकारी संगठन कामन कॉज की याचिका के साथ जोड़ करके उचित पीठ के पास भेजा जा रहा है. नई जनहित याचिका में केंद्र सरकार को लोकपाल नियुक्त करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है.
यूपीए सरकार ने दिया था बदलाव का संकेत
इससे पहले, तत्कालीन यूपीए सरकार ने था कि वह लोकपाल के चयन से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर फिर से विचार के लिए तैयार है और इस संबंध में नियम 10 में संशोधन के लिए भी तैयार है.
गैर सरकारी संगठन कामन कॉज के वकील प्रशांत भूषण ने कहा था कि सरकार नियम 10 के उपबंध (1) और (4) के आधार पर कार्यवाही नहीं कर सकती है. भूषण ने यह भी दलील दी थी कि खोज समिति द्वारा चुने गए व्यक्तियों की सूची चयन से एक सप्ताह पहले वेबसाइट के माध्यम से सार्वजनिक की जानी चाहिए.
- इनपुट भाषा