ललित मोदी को मदद पर हुए विवाद के बाद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज मंगलवार को पहली बार मीडिया के सामने आईं. लेकिन उनकी बात कैलाश मानसरोवर यात्रा तक ही सीमित रही और विवाद पर उन्होंने एक शब्द भी नहीं कहा.
विषय मानसरोवर कैलाश यात्रा का था, पर उम्मीद थी कि जिसने केंद्र की मोदी सरकार को एक बड़ी मुश्किल में डाल दिया है. लेकिन सुषमा स्वराज नहीं बोलीं.
I wish you very best for the Kailash Mansarovar Yatra,travel safely and comfortably complete your yatra:Sushma Swaraj
— ANI (@ANI_news)
विदेश मंत्री ने नाथूला के रास्ते नए रूट पर जाने वाले यात्रियों को हरी झंडी दी. उन्होंने यात्रियों को शुभकामनाओं से अपनी बात शुरू की और 'जय जय शंकर, हर हर शंकर' के नारे पर खत्म कर दी. इस बीच उन्होंने कहा, 'पूरी सुरक्षा के साथ आप लोग कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाइए, इस दौरान सरकार आपकी सुविधाओं का पूरा ध्यान रखेगी. मेरी शुभकामनाएं.'उन्होंने कहा कि वैकल्पिक रास्ते के लिए चीन से बात की है और यात्री इस सफर को संभव बनाने के लिए मन ही मन में चीन को भी धन्यवाद दे रहे होंगे.
छोटी सी प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुषमा एक अनुभवी राजनेता की तरह मुस्कुराती रहीं. बहरहाल सुषमा के साथ-साथ पर भी विपक्ष हमले कर रहा है. शाम 4 बजे वित्त मंत्री अरुण जेटली और गृह मंत्री राजनाथ सिंह जम्मू-कश्मीर को विशेष पैकेज पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे. पर वहां उन्हें ललित मोदी प्रकरण पर मीडिया के तीखे सवालों का सामना भी करना पड़ सकता है.
उधर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने विवाद के पीछे बीजेपी की अंदरूनी साजिश के शगूफे को हवा देते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं.
Greatest regard for Sushma Swaraj but this is a matter of state. Why is Mr Jaitley quiet?: Digvijaya Singh
— ANI (@ANI_news)
वहीं कांग्रेस प्रवक्ता अजॉय कुमार ने कहा, 'यह अजीब लगता है कि प्रधानमंत्री को इस बात की जानकारी नहीं थी कि उन्हें तुरंत सुषमा को निकालना चाहिए.'