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भारत ने ब्रिटेन से कहा, भगोड़े विजय माल्या को शरण न दी जाए

खबरों के अनुसार, विजय माल्या ने इस आधार पर ब्रिटेन में शरण मांगी है कि अगर उसे भारत में प्रत्यर्पित किया जाता है, तो यहां उसे यातना दी जाएगी.

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भगोड़ा शराब कारोबारी विजय माल्या
भगोड़ा शराब कारोबारी विजय माल्या

  • माल्या ने ‘मानवीय आधार’ पर शरण देने की अपील दायर की
  • प्रत्यर्पण के लिए ब्रिटेन के अधिकारियों के संपर्क में है MHA

भारत ने ब्रिटेन से अनुरोध किया है कि भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या के शरण देने के अनुरोध पर विचार न किया जाए. यह जानकारी गृह मंत्रालय ने दी है. इसके पहले खबर आई थी कि विजय माल्या ने ब्रिटेन सरकार के समक्ष ‘मानवीय आधार’ पर शरण देने की अपील दायर की है.

गृह मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा, “हम विजय माल्या के जल्दी प्रत्यर्पण के लिए ब्रिटेन के अधिकारियों के संपर्क में हैं. हमने ब्रिटेन से यह भी अनुरोध किया है कि यदि उसकी ओर से अनुरोध किया जाता है तो शरण देने पर विचार न किया जाए, क्योंकि भारत में उसके उत्पीड़न का कोई आधार नहीं है.”

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खबरों के अनुसार, विजय माल्या ने इस आधार पर ब्रिटेन में शरण मांगी है कि अगर उसे भारत में प्रत्यर्पित किया जाता है, तो यहां उसे यातना दी जाएगी.

इससे पहले ब्रिटेन के अधिकारियों ने पुष्टि की थी कि विजय माल्या को हाल-फिलहाल में भारत वापस नहीं भेजा जाएगा. ब्रिटिश हाई कमीशन के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा था,

"कुछ लीगल मसले हैं जिन्हें विजय माल्या के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया से पहले सुलझाना जरूरी है. ब्रिटेन के कानून के तहत जब तक जब तक कानूनी मसलों को सुलझा नहीं लिया जाता, तब तक विजय माल्या का प्रत्यर्पण नहीं हो सकता है."

भारत अभी नहीं आ रहा है भगोड़ा विजय माल्या, प्रत्यर्पण में लग सकता है कुछ और समय

बिना कोई वास्तविक कारण बताए ब्रिटेन के प्रवक्ता ने कहा, "लीगल इश्यू गोपनीय है और हम ज्यादा जानकारी नहीं दे सकते. हम यह भी नहीं बता सकते हैं कि इस लीगल इश्यू को सुलझाने में कितना समय लगेगा. हम इसे जल्द से जल्द सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं."

लंदन हाईकोर्ट ने 9000 करोड़ रुपये के बैंक फ्रॉड मामले में सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय की ओर से उपलब्ध कराए गए सबूतों के आधार पर विजय माल्या के प्रत्यर्पण का आदेश दिया है. हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ माल्या ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है. अब माल्या के प्रत्यर्पण संबंधी कागजात पर हस्ताक्षर के लिए सरकार के पास भेजा गया है.

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