प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नाराज और इन दिनों आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव से करीबियों में शुमार राम जेठमलानी आरजेडी कोटे से राज्यसभा में दस्तक दे सकते हैं. आरजेडी से जुड़े सूत्रों ने बताया कि पार्टी ने सर्वसम्मति से लालू को ही राज्यसभा के लिए दो नामों के चुनाव का अधिकार दिया है. ऐसे में राबड़ी देवी और राम जेठमलानी आरजेडी कोटे से ऊपरी सदन पहुंच सकते हैं.
बता दें कि राज्यसभा के लिए लालू प्रसाद के कोटे में दो सीटें हैं. इनमें एक नाम राबड़ी देवी का तय है, जबकि दूसरे नाम पर का नाम सबसे आगे है. शनिवार को आरजेडी की बैठक में लालू यादव को राज्यसभा के लिए नाम चुनने के लिए अधिकृत किया गया.
जेठमलानी के नाम पर चर्चा यूं ही नहीं है, पिछले कुछ समय से जेठमलानी की लालू से करीबी देखी जा रही है. चुनाव के वक्त जब राम जेठमलानी बिहार आए थे, तब लालू ने खुद मौर्या होटल जाकर उनसे मुलाकात की थी. सुप्रीम कोर्ट में चल रहे चारा घोटाले केस में राम जेठमलानी लालू यादव की मदद भी कर रहे हैं. इसमें आरजेडी प्रमुख को सजा हो चुकी है.
पहले शहाबुद्दीन की पत्नी थी दावेदार
दरअसल, पहले बिहार में चर्चा इस बात की थी कि दो सीटों में एक सीट पर राबड़ी देवी और दूसरे सीट पर शहाबुद्दीन की पत्नी हीना शहाब राज्यसभा जा सकती हैं. लेकिन सीवान पत्रकार हत्याकांड में शहाबुद्दीन का नाम उछलने के बाद अब राम का नाम सबसे आगे चल रहा है.
कई धुरंधर हैं लाइन में
वैसे दावेदारी के तौर बिहार में कई धुरंधर आरजेडी के नेता लाइन में है. इनमें रघुवंश सिंह, तस्लीमुद्दीन और प्रभुनाथ सिंह का नाम है. लेकिन जिस तरह से इन तीनों नेताओं ने बिहार में लॉ एंड ऑर्डर को लेकर अपनी ही सरकार पर हमला बोला है, साफ है इन तीनों में से कोई भी उस लिस्ट में शामिल नहीं है.
बता दें कि चारा घोटाला मामले में सजायाफ्ता लालू यादव ने सुप्रीम कोर्ट में फैसले को चुनौती दे रखी है. जल्द ही इस मामले पर सुनवाई होनी है.