scorecardresearch
 

अयोध्या केस: सिब्बल बोले- सुनवाई टले, BJP के ट्रैप में न फंसे कोर्ट

सुन्नी वक्फ बोर्ड की ओर से पक्ष रखते हुए कपिल सिब्बल ने दलील दी कि सुनवाई को जुलाई 2019 तक टाल दिया जाए, क्योंकि मामला राजनीतिक हो चुका है. पढ़ें कपिल सिब्बल ने SC में क्या तर्क दिए...

कपिल सिब्बल ने दिए कोर्ट में तर्क कपिल सिब्बल ने दिए कोर्ट में तर्क

सुप्रीम कोर्ट में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद को लेकर सुनवाई हुई. मंगलवार को सुनवाई के दौरान सभी पक्षों के वकीलों ने अपने तर्क रखे. अब इस मामले की अगली सुनवाई 8 फरवरी 2018 को होगी. सुन्नी वक्फ बोर्ड की ओर से पक्ष रखते हुए कपिल सिब्बल ने दलील दी कि सुनवाई को जुलाई 2019 तक टाल दिया जाए, क्योंकि मामला राजनीतिक हो चुका है. पढ़ें कपिल सिब्बल ने SC में क्या तर्क दिए...

1. कपिल सिब्बल और राजीव धवन की ओर से कोर्ट में कहा गया कि इस मामले की जल्द सुनवाई सुब्रमण्यम स्वामी की अपील के बाद शुरू हुई, जो कि इस मामले में कोई पार्टी भी नहीं हैं.

2. सिब्बल ने कहा कि कोर्ट को देश में गलत संदेश नहीं भेजना चाहिए, बल्कि एक बड़ी बेंच के साथ मामले की सुनवाई करनी चाहिए.

3. सिब्बल बोले कि राम मंदिर का निर्माण बीजेपी के 2014 के घोषणापत्र में शामिल है, कोर्ट को बीजेपी के जाल में नहीं फंसना चाहिए.

4. देश का माहौल अभी ऐसा नहीं है कि इस मामले की सुनवाई सही तरीके से हो सके. क्यों इस मसले को लेकर हड़बड़ी में सुनवाई हो रही है.

5. सुन्नी वक्फ बोर्ड की ओर से कपिल सिब्बल ने मांग की है कि मामले की सुनवाई 5 या 7 जजों बेंच को 2019 के आम चुनाव के बाद करनी चाहिए. क्योंकि मामला राजनीतिक हो चुका है.

6. सिब्बल ने कहा कि रिकॉर्ड में दस्तावेज अधूरे हैं. कपिल सिब्बल और राजीव धवन ने इसको लेकर आपत्ति जताते हुए सुनवाई का बहिष्कार करने की बात कही है.

7. अयोध्या में हुई खुदाई पर एएसआई की पूरी रिपोर्ट भी अभी रिकॉर्ड का हिस्सा नहीं बनी है.

8. सभी पक्षों की तरफ से अनुवाद करवाए गए कुल 19950 पन्नों के दस्तावेज कोर्ट में औपचारिक तरीके से जमा होने चाहिए.

9. सुप्रीम कोर्ट के सामने वह सारे दस्तावेज नहीं लाए गए हैं जो इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के सामने रखे गए थे.

10. सिब्बल समेत मुस्लिम पक्ष ने कोर्ट में सुनवाई का बहिष्कार करने की धमकी दी है.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें