राजस्थान में विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी को बड़ा झटका लगा है. दौसा से सांसद हरीश मीणा ने बीजेपी छोड़ दिया है. मीणा ने कांग्रेस महासचिव अशोक गहलोत और सचिन पायलट की मौजूदगी में कांग्रेस का दामन थाम लिया है.
आपको बता दें कि हरीण मीणा राजस्थान के पूर्व डीजीपी रह चुके हैं. यहीं नहीं उनके नाम राजस्थान का सबसे लंबे समय तक डीजीपी रहने का रिकॉर्ड भी दर्ज है. हरीश मीणा पूर्व केंद्रीय मंत्री नमो नारायण मीणा के छोटे भाई हैं. वे साल 2014 में चुनाव से ठीक पहले भाजपा से जुड़े थे.
BJP MP from Rajasthan's Dausa Harish Meena has joined the Congress Party in the presence of party leaders Ashok Gehlot and Sachin Pilot, in Delhi
— ANI (@ANI)
नमो नारायण कांग्रेस के दिग्गज नेता हैं. बता दें कि 2014 के चुनाव में हरीश मीणा और नमो नारायण के बीच मुकाबला हुआ था जिसमें बड़े भाई नमो नारायण को हार का सामना करना पड़ा था. वहीं उनके सौतले भाई ओपी मीणा के मुख्य सचिव रह चुके हैं. हरीण मीणा के भाई नमो नारायण 2009 से 2014 तक टोंक-सवाई माधोपुर से सांसद रह चुके हैं.
माना जा रहा है कि पिछले दिनों राजपा छोड़कर भाजपा में शामिल होने वाले डॉ किरोड़ीलाल मीणा की राजनीति का तोड़ निकालने के लिए हरीश मीणा को कांग्रेस में शामिल किया गया है. किरोड़ीलाल मीणा के भाजपा में शामिल होने से हरीश खुद को अलग-थलग मान रहे थे. ऐसे में उन्होंने बीजेपी से अलग होने का फैसला किया.
2014 में सबको किए थे हैरान
2014 में हरीश मीणा के भाजपा में शामिल होने के फैसले से सब हैरान हो गए थे, क्योंकि कांग्रेस सरकार में 5 साल तक हरीश मीणा सीएम अशोक गहलोत के सबसे खास पुलिस अधिकारी रहे और सबसे बड़ी बात यह थी कि तमाम परेशानियों के बाद अशोक गहलोत हरीश मीणा को 5 साल तक राजस्थान का पुलिस महानिदेशक बना के रखे.
ऐसे में सरकार बदलते ही वसुंधरा राजे ने सबसे पहले राजस्थान के डीजीपी पद से हरीश मीणा को हटाया और डीजीपी होमगार्ड बना दिया गया था. के इस फैसले से हरीश मीणा परेशान होकर दिल्ली में केंद्र के प्रतिनियुक्ति पर चले गए.
दिल्ली में तैनाती के 4 महीने बाद हरीश मीणा ने एक फैसला लिया जिससे सभी हैरान हो गए थे. दरअसल जिस दिन दौसा के लिए टिकट का ऐलान होना था उस दिन वह बीजेपी में शामिल हो गए.
ऐसा कहा जा रहा है कि हरीश मीणा और नमो नारायण मीणा में से एक विधानसभा का चुनाव लड़ेगा और दूसरा लोकसभा का चुनाव लड़ेगा. भाजपा के लिए हरीश मीणा का जाना बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि इस नागौर से विधायक हबीबुर्रहमान ने भी टिकट कटने से नाराज होकर पार्टी छोड़ दी.
हबीबुर्रहमान बीजेपी से पांच बार विधायक रह चुके हैं और माना जा रहा है कि वो कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं. वहीं बीजेपी के पूर्व महासचिव कुलदीप धनकड़ ने भी उपेक्षित होने के कारण सोमवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया. धनकड़ जयपुर ग्रामीण की विराट नगर सीट से अपना दावा ठोंक रहे थे. अब वो भी निर्दलीय चुनाव लड़ने की बात कह रहे हैं.