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खाने की शिकायत मिलने पर रेलवे ने किया कॉन्ट्रैक्ट रद्द, 16 ब्लैकलिस्ट

रेलवे ने पिछले एक साल में मिली यात्रियों द्वारा शिकायत के आधार पर यह कार्रवाई की है. रेलवे के सेंट्रलाइज्ड कैटरिंग सर्विस मॉनटरिंग सेल के आधार पर यह निगरानी रखी जाती है. इसके तहत रेलवे में मिलने वाले खाने की क्वालिटी, हाइजीन के आधार पर गुणवत्ता चेक की जाती है.

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रेलवे ने कैंसिल किया कॉन्ट्रैक्ट
रेलवे ने कैंसिल किया कॉन्ट्रैक्ट

भारतीय रेलवे ने ट्रेन में मिलने वाले खाने को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए एक कॉन्ट्रैक्ट रद्द कर दिया है. इसके साथ ही रेलवे ने 16 कैटरर्स को ब्लैकलिस्ट कर दिया है. रेलवे ने पिछले एक साल में यात्रियों की ओर से मिली शिकायत के आधार पर लगभग 1 करोड़ 80 लाख रुपये का जुर्माना भी वसूला है.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रेलवे ने पिछले एक साल में मिली यात्रियों द्वारा शिकायत के आधार पर यह कार्रवाई की है. रेलवे के सेंट्रलाइज्ड कैटरिंग सर्विस मॉनटरिंग सेल के आधार पर यह निगरानी रखी जाती है. इसके तहत रेलवे में मिलने वाले खाने की क्वालिटी, हाइजीन के आधार पर गुणवत्ता चेक की जाती है. यात्री रेलवे के द्वारा जारी किये गये हेल्पलाइन नंबर और वेबसाइट पर अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं.

रेलवे के अनुसार, यह सिस्टम रियल टाइम में लगभग 300 शिकायतें दर्ज करता है, जिसके आधार पर ही कड़े कदम उठाये जा रहे हैं. शिकायत मिलने के बाद एक कॉन्ट्रैक्ट को रद्द कर दिया गया है, वहीं 16 को ब्लैक लिस्ट किया गया है. गौरतलब है कि रेलवे के द्वारा ई-कैटरिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है. लोग ट्विटर पर भी इसको लेकर शिकायत दर्ज करवा सकते हैं.

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इससे पहले भी कई बार रेलवे मंत्री सुरेश प्रभु ट्विटर पर लोगों की समस्याओं का समाधान करते आये हैं.

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