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पाकिस्तान पर गृह व विदेश मंत्रालय में तकरार

गृह सचिव जी. के. पिल्लई के बारे में विदेश मंत्री एस एम कृष्णा के आलोचना करने के बाद ये सवाल उठने लगे हैं कि क्या पाकिस्तान को लेकर दोनों मंत्रालयों के बीच तकरार हो रही है.

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गृह सचिव जी. के. पिल्लई के बारे में विदेश मंत्री एस एम कृष्णा के आलोचना करने के बाद ये सवाल उठने लगे हैं कि क्या पाकिस्तान को लेकर दोनों मंत्रालयों के बीच तकरार हो रही है.

इसे मुद्दे को और उछालते हुए भाजपा ने कहा है कि दोनों मंत्रालयों के बीच साफ मतभेद हैं और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं.

इस तरह की खबरें हैं कि विदेश मंत्रालय को पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी और लश्कर ए तैयबा के आतंकवादी डेविड हेडली से हुई पूछताछ के विवरणों के बारे में अंधेरे में रखा गया. वहीं, गृह मंत्रालय के सूत्रों ने इन खबरों का खंडन कर कहा है कि यह सही नहीं है.

सूत्रों ने कहा कि गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने पूरा ब्यौरा सुरक्षा संबंधी कैबिनेट समिति की बैठक में दिया था.

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समिति की इस बैठक में कृष्णा भी मौजूद थे और पूछताछ रपट की प्रतियां राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिव शंकर मेनन सहित सभी संबद्ध लोगों को दी गयी थी.

सूत्रों के मुताबिक चिदंबरम और पाकिस्तान के गृह मंत्री रहमान मलिक के बीच अकेले में हुई बैठक के अलावा अन्य सभी बैठकों में (पाकिस्तान स्थित) भारतीय उच्चायुक्त और पाकिस्तानी मिशन का प्रतिनिधि (नोट टेकर) मौजूद था इसलिए पाकिस्तान के साथ प्रतिनिधिमंडल की हुई वार्ता के बारे में उन्हें सभी सूचनाएं थीं.

सूत्रों ने कहा कि पिछले सप्ताह भारत और पाकिस्तान के बीच हुई विदेश मंत्री स्तरीय बातचीत में कोई प्रगति हासिल नहीं हुई क्योंकि पाकिस्तानी सेना वार्ता को सफल नहीं होने देना चाहती थी.

इन घटनाक्रमों पर नाखुशी जाहिर करते हुए भाजपा प्रवक्ता रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि विदेश मंत्री एस एम कृष्णा ने एक बार फिर बयान दिया है. उन्होंने कहा, ‘हम कृष्णा को यह याद दिलाना चाहते हैं कि विनम्रता बरतने और झुक जाने के बीच महीन रेखा होती है और हमें अफसोस है कि मंत्री इस रेखा को पार कर गये हैं.’

प्रसाद ने कहा कि संप्रग प्रशासन एक सुर में नहीं बात कर सकता. उनमें यह अनुशासन क्यों नहीं है.

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