प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश के पार्टी सांसदों के लिए डिनर का आयोजन किया. इस दौरान सांसदों को केंद्र की योजनाओं का प्रचार प्रसार करने के निर्देश दिए गए. सबसे ज्यादा जोर भूमि अधिग्रहण बिल पर लोगों की को दूर करने के तरीकों पर दिया गया.
केंद्रीय मंत्री ने सांसदों को संबोधित किया और भूमि अधिग्रहण बिल पर लोगों का विश्वास हासिल करने के सुझाव दिए. गडकरी भूमि अधिग्रहण बिल का नया मसौदा तैयार करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं. सांसदों से बात करते हुए उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह बिल किस तरह किसानों के हित में तैयार किया गया है. साथ ही उन्होंने सांसदों से अपील की कि वो लोगों के बीच जाएं और विपक्ष की तर्कों को गलत साबित करें.
दरअसल, बीजेपी बिल पर गतिरोध कम करने के लिए सबसे पहले लोगों के बीच सकारात्मक सोच कायम करना चाहती है. इससे संसद में विपक्ष के हंगामे को भी शांत किया जा सकता है.
गौरतलब है कि नरेंद्र मोदी सरकार दिसंबर 2014 में लाए गए भूमि अधिग्रहण अध्यादेश की जगह विधेयक लाने की तैयारी में है. केंद्र पर आरोप लग रहे हैं कि उद्योग जगत को खुश करने के लिए यूपीए सरकार के लाए काननू में तोड़ मरोड़ किए गए हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देर रात इस आयोजन में पहुंचे. उन्होंने कहा कि पार्टी नेताओं को गरीब और कमजोर तबके के लोगों के हित में चलाए जा रहे सरकारी योजनाओं का प्रचार करना चाहिए.
उत्तर प्रदेश के 80 में से 71 सांसद बीजेपी के हैं. सूत्रों के मुताबिक पार्टी अध्यक्ष अमित शाह मौजूदा संसद सत्र के दौरान कई राज्यों के सांसदों के साथ बैठकें करेंगे. डिनर पार्टी के दौरान शाह ने पार्टी की सदस्यता बढ़ाने पर भी जोर दिया.
भाषा से इनपुट