scorecardresearch
 

रघुराम राजन-उर्जित पटेल से शक्तिकांत दास की पारी अलग कैसे, RBI चीफ ने दिया जवाब

देश में आर्थिक सुस्ती पर आरबीआई गवर्नर ने कहा कि जब भी ग्रोथ रेट गिरती है तो उसे दोबारा पटरी पर लाने का काम सभी लोग मिलकर करते हैं. सरकार, बाजार, बैंक, इंडस्ट्री सब इसे आगे बढ़ाते हैं.

Advertisement
X
आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास
आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास

  • दास बोले, यह हमारा सौभाग्य है कि हमें लगातार अच्छे गवर्नर मिले
  • RBI चीफ बोले- सरकार को ऐसी स्कीम लानी पड़ती है, जिससे फायदा हो

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के 25वें गवर्नर शक्तिकांत दास ने पूर्ववर्ती गवर्नरों के काम को बेहद उम्दा बताया. उन्होंने कहा कि चाहे रघुराम राजन हों या उर्जित पटेल या उनसे पहले आरबीआई की कमान संभालने वाले, सभी ने बेहद शानदार काम किया है. ये बातें शक्तिकांत दास ने मुंबई में चल रहे इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में कहीं.

कार्यक्रम में जब उनसे पूछा गया कि वह सुनते ज्यादा हैं और नॉन इकोनॉमिक बैकग्राउंड से होने के बावजूद शानदार काम कर रहे हैं. ऐसे में वह अपनी पारी को रघुराम राजन और उर्जित पटेल के मुकाबले कैसा पाते हैं? इस पर शक्तिकांत दास ने कहा कि यह सोचना दूसरों का काम है. मेरा किसी से तुलना करना सही नहीं है क्योंकि दोनों और उनसे पहले के गवर्नर्स का आरबीआई में शानदार योगदान रहा है. यह हमारा सौभाग्य है कि हमें लगातार अच्छे गवर्नर मिले.   

Advertisement

देश में आर्थिक सुस्ती पर आरबीआई गवर्नर ने कहा कि जब भी ग्रोथ रेट गिरती है तो उसे दोबारा पटरी पर लाने का काम सभी लोग मिलकर करते हैं. सरकार, बाजार, बैंक, इंडस्ट्री सब इसे आगे बढ़ाते हैं. सरकार को ऐसी स्कीम लानी पड़ती है, जिससे लोगों को फायदा हो. डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर इसका उदाहरण है.

उन्होंने कहा, अभी देश के ग्रोथ रेट को सुधारने के लिए सरकार को लैंड, लेबर और इंफ्रास्ट्रक्टर जैसे क्षेत्रों पर फोकस करने की जरूरत है. आरबीआई की रिसर्च टीम भी ग्रोथ रेट बढ़ाने के लिए काम कर रही है. वे पहले तिमाही और दूसरे तिमाही के आंकड़ों का विश्लेषण भी कर रही है. जो भी नतीजा आएगा उसके मुताबिक देश की अर्थव्यवस्था को संभालने की कोशिश करेंगे. कुछ जरूरी फैसले लेने होंगे तो आरबीआई यह भी करेगी. आरबीआई के लिए यह भी जरूरी काम है कि वह देश की आर्थिक स्थिरता को बचाए रखे. इसके लिए भी जरूरी कदम उठाए गए हैं. देश में ग्रोथ रेट कम होने के कई कारण हैं, लेकिन उन्हें सुधारने के लिए कई मौके भी है.

उन्होंने कहा, सरकार ने ग्रोथ रेट को मापने का एक नया तरीका निकाला है. हम अभी खराब हालत में नहीं पहुंचे हैं.  हमारी शानदार टीम है और वह अगले कुछ महीनों में 5.5-5.8 के बीच ग्रोथ रेट रखने की कोशिश करेगी. पहली तिमाही में सरकार की ओर से खर्च कम हुआ, जिससे जीडीपी घटी. दूसरी तिमाही में यह बढ़ा है. इंडिया टुडे कॉन्क्लेव 21 सितंबर तक मुंबई में चलेगा. इसमें विभिन्न क्षेत्रों की कई नामचीन हस्तियां शामिल होंगी.

Advertisement
Advertisement