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News Wrap: ऑस्ट्रेलिया 150 के पार, पढ़ें सुबह की 5 बड़ी खबरें

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कुलदीप को मिला पहला विकेट
कुलदीप को मिला पहला विकेट

भारत और ऑस्ट्रेलिया की टीमें 3 मैचों की वनडे सीरीज के पहले मुकाबले के लिए सिडनी में एक-दूसरे के आमने-सामने हैं. इससे पहले टीम इंडिया ने कंगारुओं को टेस्ट सीरीज में मात देकर 72 साल बाद ऑस्ट्रेलियाई धरती पर इतिहास रचा था.

ऑस्ट्रेलिया के कप्तान एरॉन फिंच ने सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (SCG) पर खेले जा रहे पहले वनडे मैच में भारत के खिलाफ टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया है. भारत को इस मैच से पहले हालांकि बड़ा झटका लगा है. उसे हरफनमौला खिलाड़ी हार्दिक पंड्या की सेवाएं नहीं मिल पाएंगी क्योंकि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने उन्हें एक टीवी शो पर दिए गए विवादास्पद बयान पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित कर दिया है.

उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के महागठबंधन का आज आधिकारिक ऐलान हो जाएगा. सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती थोड़ी देर में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे. इस दौरान सीटों के बंटवारे को ऐलान भी संभव है. इस महागठबंधन का हिस्सा राष्ट्रीय लोकदल, निषाद पार्टी, पीस पार्टी समेत कई छोटे दल हो सकते हैं. प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले पूरा लखनऊ पोस्टर से पट गया है.

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अंतरराष्ट्रीय संपर्क कार्यक्रम को जारी रखते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी इस समय संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के दो दिवसीय दौरे पर हैं. शुक्रवार को उन्होंने दुबई में प्रवासी भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित किया और उनसे मुलाकात की. विदेश की धरती से राहुल गांधी ने भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित करने के साथ ही मोदी सरकार पर करारा हमला बोला.

जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के नौशेरा में शुक्रवार को हुए IED (improvised explosive device) धमाके में सेना का एक अधिकारी और एक जवान शहीद हो गए. इसके अलावा एक जूनियर कमीशंड अधिकारी (JCO) और एक जवान के घायल होने की सूचना है. सूत्रों ने इस घटना की जानकारी दी. सूत्रों के मुताबिक यह धमाका राजौरी जिले से सटे LoC पर पुखेरनी इलाके के रूपमती चौकी के नजदीक हुआ.

उत्तर प्रदेश की सियासत में मायावती और अखिलेश यादव की संयुक्त प्रेस वार्ता से नई इबारत लिखी जा रही है. 2019 के लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी को मात देने लिए 23 साल पुरानी दुश्मनी भुलाकर सपा-बसपा सूबे में एक बार फिर गठबंधन की राह पर हैं. 1993 में राम मंदिर आंदोलन पर सवार बीजेपी को हराने वाली मुलायम-कांशीराम की जोड़ी की तरह मोदी लहर पर सवार पार्टी को हराने के लिए अखिलेश-मायावती की जोड़ी बन रही है. हालांकि 1993 से लेकर 2019 तक गंगा-गोमती और यमुना में बहुत पानी बह चुका है. यही वजह है कि माया-अखिलेश वाले इस गठबंधन के लिए 25 साल पहले जैसे नतीजे दोहराना बड़ी चुनौती माना जा रहा है.

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