मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने मंगलवार को भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त अब्दुल बासित को दिया इफ्तार पार्टी का न्योता वापस ले लिया है. वजह है बासित का वो बेतुका बयान जिसमें उन्होंने पंपोर आतंकी हमले में जवानों का मजाक उड़ाया था.
संसद परिसर में 2 जुलाई को इफ्तार पार्टी होनी थी. इसके लिए अब्दुल बासित को भी न्योता दिया गया था. बता दें कि मीडिया के सवालों पर अब्दुल बासित ने पर कहा था कि ये रमजान का महीना है, अभी इफ्तार की पार्टी है, उस पर बात कीजिए और पार्टी का आनंद लीजिए.
Withdrew invite as Mr. Abdul Basit failed to condemn -Mohd Afzal,Nat'l Convener,Rashtriya Muslim Manch
— ANI (@ANI_news)
मुस्लिम राष्ट्रीय मंच को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से मान्यता प्राप्त संगठन माना जाता है. इसका गठन साल 2002 में आरएसएस प्रमुख केएस सुदर्शन की पहल के बाद किया गया था. इसका ज्यादा से ज्यादा मुस्लिमों तक पहुंच बनाना है.
दूसरी तरफ अब्दुल बासित को इफ्तार पार्टी का न्योता दिए जाने का संघ विचारक राकेश सिन्हा ने भी विरोध किया था. उन्होंने कहा था कि मुस्लिम राष्ट्रीय मंच को बासित को दिया न्योता वापस ले लेना चाहिए. हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि MRM का राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से कोई लेना-देना नहीं है. उन्होंने यह भी ट्वीट किया कि MRM राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से मान्यता प्राप्त नहीं है. उन्होंने कहा कि यह एक स्वतंत्र संस्था है जो आतंकवाद के खिलाफ जनमत बनाती है. इसके द्वारा आयोजित इफ्तार का RSS से कोई लेना-देना नहीं है.
मुस्लिम राष्ट्रीय मंच एक स्वतंत्र संस्था है जो आतंकवाद के खिलाफ जनमत बनता है ,इसके द्वारा आयोजित इफ्तार का RSS से कोई लेना देना नहीं है।
— Prof Rakesh Sinha (@RakeshSinha01)
(MRM) should/must cancel Iftar invitation to Mr Abdul Basit High Commissioner of Pakistan.MRM is not RSS affiliate.
— Prof Rakesh Sinha (@RakeshSinha01)