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आजतक के खुलासे के बाद इराक में लापता 39 भारतीयों के परिजन आ रहे हैं दिल्ली, सुषमा से मिलेंगे

इराक से लापता 39 भारतीयों का कोई सुराग नहीं मिल पा रहा है. इंडिया टुडे की टीम इन भारतीयों की तलाश में इराक के मोसुल पहुंची. वहीं इंडिया टुडे की रिपोर्ट के बाद डीएसजीएमसी के अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके ने बताया कि इराक में गायब 39 भारतीयों के परिवार वाले अगले दो दिनों में दिल्ली आने वाले हैं. साथ ही भारत सरकार से सवाल करने वाले हैं.

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अगले दो दिन में फिर दिल्ली आएंगे चिंतित परिजन
अगले दो दिन में फिर दिल्ली आएंगे चिंतित परिजन

इराक से लापता 39 भारतीयों का कोई सुराग नहीं मिल पा रहा है. इंडिया टुडे की टीम इन भारतीयों की तलाश में इराक के मोसुल पहुंची पर उनका कुछ पता नहीं चल पा रहा है. वहीं इंडिया टुडे की रिपोर्ट के बाद डीएसजीएमसी के अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके ने बताया कि इराक में गायब 39 भारतीयों के परिवार वाले अगले दो दिनों में दिल्ली आने वाले हैं. साथ ही भारत सरकार से सवाल करने वाले हैं.

उन्होंने बताया कि 24 जुलाई को इराकी मंत्री आ रहे हैं. साथ ही उन्होंने कहा कि सुषमा स्वराज को कदम उठाना चाहिए और इराकी अधिकारियों से इसके बार में पूछना चाहिए. सरकार को इस पर जवाब देना चाहिए. बता दें कि मनजीत सिंह जीके ने दो हफ्ते पहले जुलाई में परिवार वालों को लेकर मंत्रियों से मुलाकात की थी.

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वहीं परिवार वाले सरकार के द्वारा दी हुई डिटेल पर उम्मीद जताऐ हुए थे कि अगवा भारतीय लौटकर आएंगे. इसके बाद इंडिया टुडे की टीम ने गायब भारतीयों की खोज में मोसुल का दौरा किया, लेकिन उनके जीवित होने के कोई संकेत नहीं मिले. बता दें कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा था कि गायब भारतीय इराक की किसी जेल में बंद हो सकते हैं.

इंतजार कर रहे हैं परिजन

अगवा हुए भारतीयों के परिजनों को उम्मीद है कि उनके अपने आज नहीं तो कल लौट आएंगे. बगदादी के आंतिकियों ने जिन 40 लोगों को अगवा किया था उसमें अमृतसर के भोइवाल गांव के मनजिंदर भी थे. मनजिंदर की बहन गुरपिंदर कौर ने बताया कि वहां से बचकर आए हरजीत की बातों पर उन्हें भरोसा नहीं हो रहा. उनका कहना है कि वो झूठ बोल रहा है. उन्होंने कहा कि अगर वो बच कर आ सकता है तो और क्यों नहीं. बता दें कि उसके परिवार के लोग कुछ अच्छी खबर का इंतजार कर रहे है.

बचकर आए हरजीत

मोसुल से आतंकियों ने 80 लोगों का अपहरण किया था. इसमें 40 भारत के थे और 40 बांग्लादेशी. सबको बगदादी के आंतकी बदूश लेकर गए. हरिजीत भी उन्हीं 40 में से एक है. बता दें कि आतंकियों ने तीन साल पहले हरिजीत नाम के शक्स को छोड़ दिया.

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