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सुधीर भार्गव नए CIC, सरकार ने चार सूचना आयुक्त भी किए नियुक्त

Modi Government appointed four new Information Commissioners in the Central Information Commission केंद्र की मोदी सरकार ने पूर्व IFS अधिकारी यशवर्द्धन कुमार सिन्हा, पूर्व IRS अधिकारी वनजा एन सरना, पूर्व IAS अधिकारी नीरज कुमार गुप्ता और पूर्व विधि सचिव सुरेश चंद्र को सूचना आयुक्त नियुक्त किया है.

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Photo- cic.gov.in
Photo- cic.gov.in

सरकार ने सुधीर भार्गव को नया मुख्य सूचना आयुक्त नियुक्त (सीआईसी) किया है. इसके अलावा केंद्रीय सूचना आयोग में चार नए सूचना आयुक्तों की नियुक्ति भी की गई है. केंद्रीय सूचना आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त समेत सूचना आयुक्तों के 11 स्वीकृत पद हैं, लेकिन उसे अभी सिर्फ तीन सूचना आयुक्तों के साथ काम करना पड़ रहा था. उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि भार्गव जो कि सीआईसी में सूचना आयुक्त हैं, उन्हें आयोग का नया प्रमुख नियुक्त किया गया है.

समाचार एजेंसी भाषा के मुताबिक राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पूर्व IFS अधिकारी यशवर्द्धन कुमार सिन्हा, पूर्व IRS अधिकारी वनजा एन सरना, पूर्व IAS अधिकारी नीरज कुमार गुप्ता और पूर्व विधि सचिव सुरेश चंद्र की सूचना आयुक्त के रूप में नियुक्ति को मंजूरी दी.

यशवर्द्धन कुमार सिन्हा 1981 बैच के आईएफएस अधिकारी हैं, जो ब्रिटेन में भारत के उच्चायुक्त थे. पटना के सेंट माइकल हाई स्कूल और दिल्ली के सेंट स्टीफेंस कॉलेज के पूर्व छात्र सिन्हा अहम पाकिस्तान-अफगानिस्तान-ईरान संभाग के अगुवा समेत विदेश मंत्रालय में कई अहम पदों पर रह चुके हैं. उन्होंने अतिरिक्त सचिव के इस संभाग की अगुवाई की थी.

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CIC में एकमात्र महिला 1980 बैच की भारतीय राजस्व सेवा (सीमा शुल्क एवं उत्पाद शुल्क) की अधिकारी सरना होंगी. वो केंद्रीय सीमा शुल्क और उत्पाद शुल्क बोर्ड की प्रमुख थीं. वर्ष 1982 बैच के आईएएस अधिकारी नीरज कुमार गुप्ता निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग में सचिव थे. भारतीय विधि सेवा के अधिकारी चंद्रा इसी साल केंद्रीय कानून सचिव के रूप में सेवानिवृत हुए थे और वो साल 2002-04 तक तत्कालीन कानून मंत्री अरुण जेटली के निजी सचिव भी रहे.

मोदी सरकार द्वारा नियुक्त किए गए ये सभी इसी साल सेवानिवृत हुए थे. मुख्य सूचना आयुक्त आरके माथुर और सूचना आयुक्तों- यशोवर्द्धन आजाद, श्रीधर आचार्यलु और अमिताव भट्टाचार्य के हाल ही में सेवानिवृत हो जाने के बाद आरटीआई मामलों के शीर्षतम् न्यायिक प्राधिकरण में तीन सूचना आयुक्त ही बचे थे. इसके बाद इन नियुक्तियों की मांग को लेकर कई सामाजिक कार्यकर्ता सुप्रीम कोर्ट चले गए थे.

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्यों से मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्तों की नियुक्तियों में पारदर्शिता बरतने और सर्च समितियों व आवेदकों का ब्योरा वेबसाइट पर अपलोड करने को कहा था. नियुक्ति प्रक्रिया पर टिप्पणी करते हुए याचिकाकर्ता कोमोडोर लोकेश बत्रा ने कहा कि सरकार वेबसाइट पर ब्योरा डालने संबंधी सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का पालन करने में विफल रही.

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