पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने नरेंद्र मोदी सरकार के कार्यकाल को इमरजेंसी जैसे हालात से भी बदतर बताया है. इसके साथ ही 'दीदी' ने साफ किया कि उनकी सरकार बंगाल में भूमि अधिग्रहण अधिनियम में प्रस्तावित संशोधनों को लागू नहीं करेगी.
टीएमसी अध्यक्ष ने लोगों से अनुरोध किया कि वे उस काले अध्यादेश को जला डालें, जिसे मोदी की कैबिनेट ने सोमवार को मंजूरी दी है. राष्ट्रीय परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण संबंधी प्रक्रियात्मक कठिनाइयों को दूर करने के उद्देश्य से भूमि अधिग्रहण अधिनियम में संशोधन किया गया है. साथ ही प्रभावित परिवारों से संबंधित प्रावधानों को भी मजबूत किया गया है. उन्होंने कहा, 'केंद्र भूमि अधिग्रहण में ऐसे संशोधन कर रही है, जिससे बंदूक के बल पर आपकी जमीनें छीनी जाएंगी. लेकिन मैं उनकी चुनौती स्वीकार करती हूं. जबतक मैं जीवित हूं किसी की भी जमीन जबरदस्ती नहीं छीनने दूंगी. मेरी लाश पर ही वे भूमि अधिग्रहण कर सकेंगे.'
ममता ने आगे कहा, 'आपके भूमि के अधिकार को छीनने की हिम्मत सरकार कैसे कर सकती है? मैं पश्चिम बंगाल में इस तरह के कानून को लागू करने की मंजूरी नहीं दूंगी. मैं आप सभी से अनुरोध करती हूं कि आप लोग उस अध्यादेश की एक-एक कॉपी लें और उसे जला डालें. इस काले अध्यादेश को जला डालिए. हम बंगाल में जबरदस्ती जमीन अधिग्रहण की मंजूरी नहीं देंगे.'
बीजेपी पर एफडीआई के माध्यम से देश को बेचने का आरोप लगाते हुए उन्होंने लोगों से केंद्र की लोक विरोधी नीतियों के खिलाफ खड़ा होने का अनुरोध किया.
-इनपुट IANS से