बीजिंग ओलिंपिक में भारतीय एथलिटों का खराब प्रदर्शन लगातार जारी है और लंबी कूद धाविका अंजू जॉर्ज ने भी इस कड़ी में अपना नाम जोड़ लिया है. पदक की बात तो दूर अंजू मंगलवार को लंबी कूद प्रतिस्पर्धा के फाइनल के लिए क्वालिफाई भी नहीं कर सकी.
भारत की ओर से अंजू से पहले अब तक नौ एथलीट फाइनल में क्वालीफाई करने में नाकाम रहे थे. ऐसे में अंजू से पदक की उम्मीद की जा रही थी. लेकिन क्वालिफाईंग हीट में अंजू की सभी तीन कोशिशें फाउल करार दी गईं. और इस तरह अंजू ओलंपिक प्रतियोगिता से बाहर हो गईं.
अंतर्राष्ट्रीय मंच पर अंजू की शोहरत 2003 विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप के बाद हुई जब उन्होंने कांस्य पदक हासिल किया. 2004 एथेंस ओलिंपिक में अंजू ने अपने पहले ही प्रयास में 6.83 मीटर की छलांग लगाई थी लेकिन इसके बाद वो इसमें कोई सुधार नहीं कर सकीं और अंततः उन्हें छठे स्थान से ही संतोष करना पड़ा. एथेंस ओलंपिक के बाद तो अंजू का हालिया प्रदर्शन कोई खास नहीं रहा है. हालांकि 2005 में उन्होंने विश्व एथलेटिक्स फाइनल में 6.75 मीटर की कूद के साथ ही रजत पदक हासिल किया था लेकिन इसके बाद उनका प्रदर्शन बहुत साधारण रहा. पिछले साल जापान के ओसाका में हुई विश्व चैंपियनशिप में वह नौवां स्थान ही हासिल कर सकीं.