कोलकाता में काली सियासत के खिलाफ आवाज उठ रही है. प्रतिष्ठित प्रेसिंडेसी कॉलेज के छात्रों ने तोडफोड़ के खिलाफ विरोध मार्च निकाला.
गौर करने वाली बात है कि बुधवार को तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने प्रेसिंडेसी कॉलेज में तोड़फोड़ की थी. उस तोड़फोड़ के खिलाफ आज कॉलेज के छात्र अपनी आवाज बुलंद की.
छात्रों का विरोध मार्च प्रेसिडेंसी कॉलेज से निकलकर राइटर्स बिल्डिंग तक गए. विरोध मार्च में कॉलेज के पूर्ववर्ती छात्र भी शामिल हुए. आपको बता दें कि राइटर्स बिल्डिंग राज्य सरकार का मुख्यालय है.
प्रेसिंडेसी कॉलेज शिक्षा का गढ़ माना जाता है. आज तक यहां तोड़फोड़ की घटना नहीं हुई. इस घटना के बाद पश्चिम बंगाल सरकार पर चौतरफा हमला हो रहा है.
कॉलेज प्रशासन ने घटना की निंदा की है. मशहूर लेखिका महाश्वेता देवी ने कहा है कि कॉलेज और छात्रों पर हमला नहीं होना चाहिए.
वहीं कांग्रेस ने ममता बनर्जी पर निशाना साधा है और नसीहत भी दे डाली. शकील अहमद ने कहा कि ममता को हिंसा पर रोक लगानी चाहिए. प्रेसिडेंसी कॉलेज में जो हुआ वह निंदनीय है.
इस बीच पश्चिम बंगाल के राज्यपाल एम के नारायणन ने कहा है कि तोड़फोड़ करने वालों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार करना चाहिए.
ममता बनर्जी की हालत स्थिर
छात्र विरोध मार्च पर निकले हैं, लेकिन सूबे की मुखिया ममता मुखर्जी अस्पताल में हैं. एक प्राइवेट अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है. 6 डॉक्टरों की टीम उनकी सेहत पर नजर रख रही है. ममता को पीठ, गर्दन और छाती में दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उन्होंने सांस की समस्या की भी शिकायत की थी.
ममता का हाल जानने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल एमके नारायणन उनसे मिलने अस्पताल पहुंचे. अस्पताल से निकलने के बाद राज्यपाल ने बताया कि दीदी की हालत स्थिर है.