योजना भवन के बाहर ममता बनर्जी और अमित मित्रा से हुई ने दिल्ली से लेकर कोलकाता तक सियासत गरमा दी है. CPM के छात्र संगठन SFI के कार्यकर्ताओं की इस बदसलूकी के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री से प्रधानमंत्री खेद जता चुके हैं.
संसदीय कार्यमंत्री कलमनाथ माफी मांग चुके हैं लेकिन दीदी का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा. दिल्ली में उन्होंने अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए और कोलकाता लौटने से पहले बोल गई कि ये सोची समझी साजिश थी.
ममता बनर्जी ने कहा कि जब हमला हुआ तब पुलिस दरवाजा नहीं खोल रही थी. हालांकि ममता बनर्जी ने ये तो कहा कि पीएम से मुलाकात ना कर पाने का उन्हें अफसोस है लेकिन उन्होंने ये भी कह डाला कि दिल्ली महफूज नहीं है.
ममता और अमित मित्रा के साथ हुई बदसलूकी के बाद सियासत भी गर्मा गई है. तृणमूल नेता मामले को तूल दे रहे रहे हैं. पश्चिम बंगाल के राज्यपाल ने भी इसे साजिश करार दिया है.
राज्यपाल ने बताया, 'लोकतांत्रिक मूल्यों पर धब्बा'
एम के नारायणन ने तो यहां तक कह डाला कि ममता पर हुए हमले के लिए CPM पोलित ब्यूरो को माफी मांगनी चाहिए. पश्चिम बंगाल के राज्यपाल एम के नारायणन ने कहा कि ममता बनर्जी पर हमला लोकतांत्रिक मूल्यों पर धब्बा है. उन्होंने कहा कि ये हमला सोची-समझी साजिश लगता है और इसके लिए पोलित ब्यूरो को माफी मांगनी चाहिए.
अपने नेता पर हुए इस हमले को लेकर तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने तो तलवार निकाल ली है. उसके नेता अपना-अपना फार्मूला गढ़ रहे हैं. तृणमूल के एक सांसद ने तो इसे लेकर कांग्रेस पर ही शक जता दिया. पार्टी के सांसद सुखेन्दु शेखर ने कहा कि हमले के पीछे कांग्रेस की साजिश हो सकती है.
उधर कोलकाता में भी तृणमूल के कार्यकर्ता सुबह से सड़कों पर थे. धिक्कार दिवस के दौरान अलग-अलग जगहों पर दिन भर प्रदर्शन चलता रहा.