कर्नाटक में 25 दिनों के लंबे अंतराल के बाद मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने मंत्रिपरिषद का गठन किया. मंगलवार (20 अगस्त) से पहले तक सरकार के नाम पर सिर्फ राज्य में मुख्यमंत्री येदियुरप्पा थे. बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व से कई दफा बातचीत के बाद येदियुरप्पा ने मंत्रियों की सूची फाइनल की.
सूची देखने पर पता चलता है कि बीजेपी ने संतुलन साधा है. येदियुरप्पा के करीबियों को भले जगह मिली है, मगर बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव और कर्नाटक में संगठन मंत्री रह चुके बीएल संतोष के करीबी भी जगह बनाने में सफल हुए हैं.
सूत्र बताते हैं कि इसके पीछे बीजेपी की संतुलन की नीति है. चूंकि कर्नाटक में किसी तरह बहुमत के जुगाड़ से सरकार बनी है. ऐसे में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने तय किया कि राज्य में पार्टी के हर धड़े में संतुलन होना जरूरी है. ताकि आगे चलकर किसी तरह की नाराजगी सामने न आए.
बता दें कि जनता दल (एस) और कांग्रेस गठबंधन गिरने पर कई दिनों तक चली उठापटक के बाद कर्नाटक में बीजेपी ने 26 जुलाई को सरकार बनाई थी. येदियुरप्पा ने 26 जुलाई को शपथ लेने के बाद 29 जुलाई को विधानसभा में बहुमत भी साबित किया था. मगर मंत्रियों की सूची शीर्ष नेतृत्व के स्तर से फाइनल न होने पर मंत्रिपरिषद का गठन नहीं हो सका था. जिसके कारण विपक्षी कांग्रेस लगातार सवाल उठा रही थी.
मंत्रियों के नामों पर विचार के लिए बीएस येदियुरप्पा को दो बार दिल्ली आना पड़ा. आखिरकार बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की ओर से मंत्रियों की सूची फाइनल की गई. जिसके बाद मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा मंगलवार को मंत्रिपरिषद गठित कर पाए.