1 अगस्त 1953 को इंडियन एयरलाइंस (अभी एलायंस एयर) की शुरुआत हुई थी. आजादी के पहले से मौजूद 7 क्षेत्रीय कंपनियों डेक्कन एयरवेज, एयरवेज इंडिया, भारत एयरवेज, हिमालयन एविएशन, कलिंगा एयरलाइंस, इंडियन नेशनल एयरवेज और एयर सर्विसेज ऑफ इंडिया को मिलाकर इंडियन एयरलाइंस कंपनी बनाई गई थी. शुरुआती लागत थी 3.20 करोड़ रुपए. उस समय इंडियन एयरलाइंस के पास 99 विमान थे. 74 डगलस डीसी-3 डकोटा, 12 वाइसर्स वाइकिंग्स, 3 डगलस डीसी-4सी और कुछ छोटे विमान. लेकिन ये सारे विमान विदेशी कंपनियों ने बनाए थे.
इंडियन एयरलाइंस को पहला स्वदेशी यात्री विमान 52 साल पहले 27 जून 1967 को मिला. इसका नाम AVRO हॉकर सिडली एचएस-748 था. इसे हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) और ब्रिटिश कंपनी AVRO ने मिलकर बनाया था. यह आज के एटीआर विमान से थोड़ा ही छोटा था. पहले यह विभिन्न देशों की सेना के लिए बनाया जाता था लेकिन 1957 के बाद यह यात्री विमान में बदल दिया गया. इसमें 40 से 48 लोगों के बैठने की व्यवस्था थी. भारत में जब इस विमान का निर्माण शुरू हुआ तो इसका नाम HAL-748 कर दिया गया. हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स ने 89 विमान बनाए थे. 72 भारतीय वायुसेना के लिए और 17 इंडियन एयरलाइंस के लिए.
HAL-748 विमान के देश में हादसे
देश में 64 और विदेशों 16 स्थानों पर इंडियन एयरलाइंस की सेवाएं हैं
इंडियन एयरलांइस की उड़ाने भारत में 64 स्थानों और विदेशों में 16 स्थानों पर जाती हैं. प्रतिदिन 35,000 सीटें उपलब्ध कराता है. यह भारत की सबसे बड़ी विमान सेवा कंपनी है. विदेशों में इंडियन एयरलाइंस निम्नलिखित स्थानों के लिए उड़ान भरती हैं.अभी कैसी है इंडियन एयरलाइंस की हालत
अगर नागरिक विमानन निदेशालय (DGCA) की मई 2019 की रिपोर्ट माने तो अब भी देश की आधिकारिक उड़ान इंडियन एयरलाइंस ही है. 2019 के पहले छह महीनों की बात करें तो देश की कुल उड़ानों में से 13.2 फीसदी उड़ानें इंडियन एयरलाइंस की होती हैं. बाकी कई निजी कंपनियां मिलकर सेवाएं दे रही हैं. अभी भी घरेलू विमानन के क्षेत्र में एलायंस एयर यानी इंडियन एयरलाइंस 31.73 फीसदी शेयर के साथ तीसरे नंबर पर है. पहले पर इंडिगो और दूसरे पर स्पाइस जेट है.
DGCA की मई 2019 की रिपोर्ट के अनुसार अब भी देश में यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के मामले में इंडियन एयरलाइंस (85%) पांचवें नंबर पर है. पहला स्पाइस जेट (93.9%), दूसरा गो एयर (93.3%), तीसरा इंडिगो (90.0%) और चौथा एयर एशिया (87.8%) है. घरेलू उड़ानों के टिकट रद्द होने के मामले में भी इंडियन एयरलाइंस पांचवें नंबर पर हैं. इससे पहले एयर डेक्कन, पवन हंस, स्टार एयर और ट्रूजेट हैं. इंडियन एयरलाइंस का 2005 में नाम बदलकर इंडियन कर दिया गया था. 2007 में इसका एयर इंडिया के साथ विलय कर दिया गया था. अभी दोनों कंपनियों को मिलाकर 130 विमानों के बेड़ा है.
अभी इंडियन एयरलाइंस के पास 72 विमान हैं
For latest update on mobile SMS