जर्मनी के रिफ्यूजी कैंप में फंसी गुरप्रीत गुरुवार सुबह भारत लौट आई. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने जर्मनी में परेशानियों का सामना कर रही भारतीय महिला गुरप्रीत और उसकी आठ साल की बेटी को मदद का भरोसा दिलाया था. उसके बाद वहां के भारतीय मिशन ने गुरप्रीत को देश वापस लाने का मिशन शुरू किया. शरणार्थी शिविर से निकालकर फ्रैंकफर्ट स्थित भारतीय दूतावास लाया गया और फिर दिल्ली लाया गया. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने बुधवार को ट्विटर पर इस बारे में जानकारी देते हुए कहा था कि दोनों मां-बेटी गुरुवार सुबह हिंदुस्तान आ जाएंगे.
ने ट्विटर पर लिखा, 'हम गुरप्रीत और उनकी आठ साल की बेटी को रिफ्यूजी कैंप से बाहर अपने दूतावास ले आए हैं.' सुषमा स्वराज ने इसके साथ ही एक भारतीय दूतावास में दोनों मां-बेटी की तस्वीर भी साझा की.
We have brought Gurpreet and her 8 year old daughter from the refugee camp to our Consulate in Frankfurt. Pic
— Sushma Swaraj (@SushmaSwaraj)
एक अन्य ट्वीट में , 'गुरप्रीत और उनकी बेटी फ्रैंकफर्ट से एयर इंडिया की फ्लाइट संख्या AI120 से कल सुबह 9:35 बजे दिल्ली पहुंचेंगे.'
Gurpreet and her daughter will reach New Delhi from Frankfurt by flight AI 120 at 9.35 am tommw morning.
— Sushma Swaraj (@SushmaSwaraj)
गौरतलब है कि मंगलवार को गुरप्रीत ने ट्विटर पर एक छोटा वीडियो अपलोड किया था, जिसमें विदेश मंत्री से मदद की गुहार लगाई थी. सुषमा स्वराज ने वीडियो पर तत्काल मदद का भरोसा दिया था.
गुरप्रीत ने वीडियो में आरोप लगाया था कि उन्हें और उनकी आठ साल की बेटी को उनके ससुराल वालों ने एक शरणार्थी शिविर में रखवा दिया था. गुरप्रीत हरियाणा के फरीदाबाद की रहने वाली हैं.