साध्वी से यौन शोषण के दोषी गुरमीत राम रहीम को पंचकूला से रोहतक जेल ले जाने के लिए जिस हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल किया गया उसे लेकर विवाद खड़ा हो गया है. सोशल मीडिया पर एक फोटो वारयल हो रही है जिसमें दावा किया जा रहा है कि बाबा को ले जाने के लिए जिस चॉपर का इस्तेमाल किया गया वह गुजरात के कारोबारी गौतम अडानी का है और इससे पहले खुद पीएम नरेंद्र मोदी भी इस चॉपर में सफर कर चुके हैं.
दरअसल राम रहीम को पंचकूला से AW-139 हेलिकॉप्टर में ले जाया गया जो कि VIP और कारोबारी लोगों के सफर के लिए इस्तेमाल होता है. 15 सीट वाला यह चॉपर का है. ऐसा ही एक चॉपर पीएम मोदी ने साल 2014 के चुनाव में प्रचार के लिए इस्तेमाल किया था. यही वजह है कि अब सोशल मीडिया पर खबर फैल रही है कि जिस हेलिकॉप्टर से मोदी सफर करते थे, उसी में राम रहीम को ले जाया गया.
@SalmanNizami नामक ट्विटर यूजर ने ट्वीट किया कि तो रेपिस्ट बाबा को मोदी के पसंदीदा AW139 हेलिकॉप्टर से ले जाया गया, जिसके मालिक गौतम अडानी हैं. शुक्रिया!
So Rapist Baba was airlifted in Modi's favourite AW139 helicopter owned by Gautam Adani. Thanks!
— Salman Nizami (@SalmanNizami_)
@manojsenapati08 नामक ट्विटर अकाउंट से ट्वीट किया गया कि मोदी के पसंदीदा हेलिकॉप्टर से बाबा राम रहीम को ले जाया गया. यह अडानी का हेलिकॉप्टर है.
Modi 's favourite helicopter , baba ram rahim airlifted with the same helicopter. Adani's .
— Manoj Senapati (@manojsenapati08)
इस खबर का मकसद बीजेपी, केंद्र सरकार और खुद पीएम मोदी को कटघरे में खड़ा करना है क्योंकि कारोबारी गौतम अडानी के पीएम मोदी के करीबी होने का आरोप विपक्ष लगाता रहा है. हालांकि वायरल होती ये खबर महज अफवाह ही बताई जा रही है और इसके पक्ष में तर्क भी हैं.
अफवाह इसलिए फैल रही है क्योंकि पीएम मोदी और राम रहीम दोनों के ही हेलिकॉप्टर पर AW-139 लिखा हुआ है. लेकिन भारत में AW-139 जैसे एक-दो नहीं बल्कि दर्जनों हेलिकॉप्टर हैं. खुद हरियाणा सरकार ने भी साफ किया है कि राम रहीम को रोहतक ले जाने के लिए जो हेलिकॉप्टर इस्तेमाल किया गया वो एक निजी कंपनी से किराये पर लिया गया था. वहीं हरियाणा के डीजीपी ने भी मीडिया से बातचीत में साफ कह दिया है कि हेलिकॉप्टर के अडानी की कंपनी का होने की बात सही नहीं है बल्कि सरासर झूठ है.
राम रहीम को लेकर दूसरा विवाद इस चॉपर में सवार महिला को लेकर भी उठा क्योंकि किसी कैदी के साथ उसके परिजनों को ले जाने की अनुमति नहीं होती. बाद में प्रशासन ने यह साफ किया कि चॉपर में सवार महिला राम रहीम की बेटी हनीप्रीत इंसा थीं और वह ज्यादा वक्त तक उनके साथ नहीं रहीं. साथ ही अधिकारियों ने यह भी दावा किया है कि जेल में राम रहीम को आम कैदियों के तरह ही ट्रीटमेंट दिया जा रहा है और उन्हें किसी भी तरह के बेबुनियाद है. हालांकि प्रशासन ने हनीप्रीत को चॉपर में ले जाने के सवाल पर चुप्पी साध रखी है.