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केंद्र पर बरसे गुजरात के मुख्‍यमंत्री मोदी

कीमतों में वृद्धि के लिए ‘‘प्रतिकूल’’ मौसम को जिम्मेदार बताए जाने पर गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को केंद्र पर बरसते हुए कहा कि इसी तरह की जलवायु परिस्थितियों में 2000-02 के बीच आवश्यक वस्तुओं की कीमतें नियंत्रित रही थीं.

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कीमतों में वृद्धि के लिए ‘‘प्रतिकूल’’ मौसम को जिम्मेदार बताए जाने पर गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को केंद्र पर बरसते हुए कहा कि इसी तरह की जलवायु परिस्थितियों में 2000-02 के बीच आवश्यक वस्तुओं की कीमतें नियंत्रित रही थीं.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा बुलाए गए मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन में मोदी ने कहा ‘‘मैं यह जानकर हैरान हूं कि भारत सरकार कीमतों में वृद्धि के लिए ‘प्रतिकूल’ मौसम तथा जलवायु परिवर्तन को जिम्मेदार बता रही है.’’ उन्होंने तर्क दिया ‘‘जलवायु संबंधी अधिक प्रतिकूल परिस्थितियां तीन साल तक 2000-02 के बीच थीं जिनका कृषि उत्पादन पर समान प्रतिकूल असर पड़ा था.’’

मोदी ने कहा ‘‘फिर भी खाद्य पदार्थों की कीमतें बेहतर आपूर्ति प्रबधन की वजह से पांच प्रतिशत के दायरे में कम ज्यादा होती रही थीं.’’ गौरतलब है कि केंद्र में 1998 से लेकर 2004 तक भाजपा नीत राजग सरकार थी. मोदी ने केंद्र सरकार के इस तर्क को खारिज करने की मांग की कि न्यूनतम समर्थन मूलय में वृद्धि की वजह से कीमतें बढ़ी हैं.

गुजरात के मुख्यमंत्री ने कहा ‘‘यदि 2009-10 के दौरान धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 16 प्रतिशत और गन्ने के वैधानिक समर्थन मूल्य में लगभग 50 फीसदी की वृद्धि होती है तो हम खाद्य अनाजों में 40-60 प्रतिशत और चीनी के दामों में 150 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि के पीछे आर्थिक तर्क को कैसे सराह सकते हैं.’’ मोदी ने कहा कि थोक मूल्य सूचकांक द्वारा प्रदर्शित खाद्य पदार्थों के मूल्यों में वृद्धि उपभोक्ता के सामने आने वाली स्थिति का सही मूल्यांकन नहीं है क्योंकि आम आदमी को थोक विक्रेता से अधिक कीमत चुकानी पड़ती है.

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