लापता बच्चों की तलाश के लिए सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है. दो जून को सरकार एक वेबसाइट शुरू करेगी, जिसमें लोग लापता बच्चों के बारे में सीधे रिपोर्ट दे सकते हैं, उस संबंध में जानकारी हासिल कर सकेंगे और जानकारी अपलोड कर सकेंगे.
देश में प्रति घंटे 11 बच्चे लापता होते हैं. www.khoyapaya.gov.in नामक इस वेबसाइट पर इन सवालों के सभी जवाब दिए जाएंगे कि किसी बच्चे के खोने पर क्या कदम उठाये जाने चाहिए. अपनी तरह का यह वेब पोर्टल महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय ने पेश किया है. इस मंच के जरिए लोग न केवल लापता बच्चों की जानकारी दे सकेंगे, बल्कि उसके बारे में पता लगाने के प्रयासों की जानकारी भी हासिल कर सकेंगे.
यह महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय तथा इलेक्ट्रानिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग का संयुक्त प्रयास है. इस वेबसाइट में तीन खंड होंगे.‘मेरा बच्चा लापता है’, ‘मैंने एक बच्चे को देखा है’ और ‘लापता बच्चे की तलाश.’ इस वेबसाइट में उन अदालती आदेशों का लिंक मुहैया कराया जाएगा, जहां बच्चे के लापता होने पर पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश दिये गये हैं और ऐसे मामलों को या अपहरण अथवा मानव तस्करी के रूप में लेने को कहा गया हो बशर्ते जांच में इसके विपरीत कोई बात सामने आई हो.
मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, ‘इस बात को लेकर हमेशा सूचना का अभाव रहता है कि जब किसी का बच्चा लापता हो जाता है तो क्या किया जाए. चूंकि पुलिस बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है, वेबसाइट पुलिस की बेहतर तरीके से मदद लेने में उनक सहायता कर सकती है.’
इनपुट भाषा