जी20 शिखर सम्मेलन की बैठकें देशभर में खूब तैयारी के साथ हो रही हैं. भारत इस साल ग्रुप की अध्यक्षता कर रहा है. देश के विभिन्न राज्यों में बैठकों का आयोजन किया जा रहा है. यहां मेहमानों का धूमधाम से स्वागत हो रहा है. उन्हें संबंधित राज्य और केंद्र शासित प्रदेश की संस्कृति से रूबरू कराया जा रहा है. भारत की विभिन्नता में एकता का दर्शन कर मेहमान भी खुशी से फूले नहीं समा रहे.
इन्हें पारंपरिक नृत्य और गीतों को दिखाने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. बीते हफ्ते गोवा में एक बैठक का आयोजन हुआ, जो चार दिन तक चली. यहां 8-11 मई, 2023 को तीसरी विकास कार्य समूह की बैठक हुई थी. इस दौरान गोवा की संस्कृति और कला देख विदेशी मेहमान काफी खुश दिखाई दिए.
Celebrating life, the Goan way! 🙌
— G20 India (@g20org)
After the rounds of deliberations on Day 3️⃣, the delegates witnessed the virtuosity of Goans for performing arts!
They treasured the vibrant culture and thoroughly enjoyed the melodious music.
दूसरी तरफ जम्मू कश्मीर में होने वाली बैठक की तैयारियां जोर शोर से हो रही हैं. यहां विदेशी मेहमानों की सुरक्षा के लिए एंटी ड्रोन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होगा. साथ ही सुरक्षा भी काफी बढ़ा दी गई है. इस बैठक को लेकर पाकिस्तान ने नाराजगी जताई थी. इसका मुहंतोड़ जवाब देते हुए भारत ने कहा था कि जम्मू कश्मीर उसका अभिन्न अंग है. वह अपने देश में जहां चाहे वहां बैठक करा सकता है.
इस खबर में हम जी20 की बीते हफ्ते हुई बैठकें और इस हफ्ते होने वाली बैठकों के बारे में बात करेंगे. साथ ही बीते हफ्ते की जी20 से जुड़ी बड़ी खबरों के बारे में जानेंगे. इससे पहले आपको ये बता देते हैं कि जी20 कैसे काम करता है? ये ग्रुप दो प्रमुख चैनलों पर काम करता है- शेरपा ट्रैक और वित्तीय ट्रैक. इसके अलावा इंगेजमेंट ग्रुप भी होता है. इन्हीं के वर्किंग ग्रुप्स के बीच ये बैठकें होती हैं.
तीसरी एनर्जी ट्रांजिशन कार्य समूह की बैठक- (15-17 मई, 2023)- मुंबई
दूसरी संस्कृति कार्य समूह की बैठक- (15-17 मई, 2023)- भुवनेश्वर
गोवा की बैठक में 80 से अधिक प्रतिनिधि पहुंचे
जी20 की तीसरी विकास कार्य समूह की बैठक 8-11 मई तक गोवा में आयोजित की गई. इसमें जी20 देशों, 9 आमंत्रित देशों और विभिन्न वैश्विक और क्षेत्रीय संगठनों के 80 से अधिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया. इस दौरान महिलाओं के नेतृत्व में विकास आधारित प्रदर्शनी आयोजित की गई. इसमें सतत विकास को सुनिश्चित करने के लिए महिलाओं की भूमिका को प्रदर्शित किया गया. इसमें कई मुद्दों पर चर्चा हुई.
🇮🇳’s presidency advocates for women-led development as crucial for achieving the , by supporting women’s economic and social empowerment, digital inclusion & nutrition security, and adopting gender-responsive approaches in environment & climate action.
— G20 India (@g20org)
शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस सेंटर में आयोजन
जम्मू कश्मीर में अगले हफ्ते जी20 की बैठक का आयोजन होगा. इसकी तैयारियां तेज हो गई हैं. यहां श्रीनगर में 22-24 मई, 2023 को तीसरी पर्यटन कार्य समूह की बैठक आयोजित होगी. इसके लिए SKICC नाम से जाने जाने वाले शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस सेंटर में तैयारी हो रही है. डल झील के तट पर आयोजित इस सम्मेलन से घाटी में पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. समिट में जी20 देशों का पर्यटन कार्य समूह मौजूद रहेगा, जो क्षेत्र में पर्यटन को और बढ़ाने के मसले पर बात करेगा.
‘जी20 बीच क्लीनअप’ का आयोजन
भारतीय दूतावास ने नीदरलैंड की सरकार के साथ हेग के प्रसिद्ध समुद्री तट पर ‘जी20 बीच क्लीनअप’ नाम के सफाई कार्यक्रम का आयोजन किया. इसमें सिगरेट की 5410 बट समेत 240 किलोग्राम समुद्री कचरा एकत्रित हुआ. ये अभियान चलाना इसलिए बड़ी बात है, क्योंकि समुद्री कचरे का निपटारा जी20 की भारत की अध्यक्षता के तहत तय किए गए प्रमुख बिंदुओं में से एक है. वहीं नीदरलैंड में भारत की राजदूत रीनत संधू ने जी20 की इस साल की थीम 'एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य' के पीछे छिपे संदेश के बारे में बताया.
एंटी ड्रोन टेक्नोलॉजी से होगी मेहमानों की सुरक्षा
रिपोर्ट्स के अनुसार, जम्मू कश्मीर में आयोजित जी20 बैठक के मद्देनजर विदेशी मेहमानों की सुरक्षा के लिए एंटी ड्रोन टेक्नोलॉजी और स्पेशल आर्म्ड फोर्सेज की तैनाती होगी. ये टेक्नोलॉजी किसी भी तरह के ड्रोन हमले को नाकाम करने में सक्षम है. बैठक से पहले सुरक्षा एजेंसियां एक्टिव हो चुकी हैं. वो दिन रात मेहमानों की सुरक्षा को लेकर खास इंतजाम कर रही हैं.
बता दें, जी20 की स्थापना 1999 में एशियाई वित्तीय संकट के बाद हुई थी. ग्रुप ऑफ ट्वेंटी यानी जी20 में 19 देश (अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, कोरिया गणराज्य, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्किये, ब्रिटेन और अमेरिका) और यूरोपीय संघ शामिल हैं.