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दिल्लीः एम्स में लगी आग पर कड़ी मशक्कत के बाद फायर सर्विस ने पाया काबू

एसी का कंप्रेसर फटने की वजह से पांचवीं मंजिल पर लगी आग के बाद जनरल वार्ड को खाली कराया गया और मरीजों को दूसरे वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है. एम्स की ओर से शिफ्ट किए गए मरीजों के लिए हेल्पलाइन नंबर 011-26593308 जारी किया गया है.

एम्स में लगी आग (फोटो-ANI) एम्स में लगी आग (फोटो-ANI)

देश की राजधानी दिल्ली के जाने-माने अस्पताल एम्स में एक बार फिर भड़की आग पर काबू पा लिया गया है. फायर सर्विस ने दावा किया है कि दिल्ली एम्स में लगी आग नियंत्रण में है. राहत-बचाव में NDRF की 2 टीमों के 80 जवानों को लगाया गया. वहीं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन भी हालात पर लगातार नजर बनाए रहे.

बता दें कि एक बार फिर पांचवीं मंजिल पर आग भड़क उठी थी. एसी का कंप्रेसर फटने की वजह से पांचवीं मंजिल पर लगी आग के बाद जनरल वार्ड को खाली कराया गया और मरीजों को दूसरे वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है. एम्स की ओर से शिफ्ट किए गए मरीजों के लिए हेल्पलाइन नंबर 011-26593308 जारी किया गया है. वहीं स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन भी एम्स में मौजूद हैं, उनका कहना है कि वह आग पर काबू के हालात पर नजर रखे हुए हैं.

बता दें कि शुक्रवार शाम करीब 5 बजे शॉर्ट सर्किट की वजह से पहले और दूसरे फ्लोर पर आग लगी थी जो पांचवीं मंजिल तक पहुंच गई थी. जिसपर दमकल की 34 गाड़‍ियों की मदद से काफी हद तक काबू पा लिया गया था, लेकिन लगातार धुआं उठ रहा था. बताया जा रहा है कि एसी का कंप्रेसर फटने की वजह से पांचवीं मंजिल पर फिर आग लगी. हालांकि आग की इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है.

एम्स के टीचिंग ब्लॉक में ये आग लगी थी. फायर डिपार्टमेंट की 34 गाड़ियां और करीब 150 दमकल कर्मियों की मदद से आग पर काबू पाया गया. एहतियात के तौर पर एम्स का इमरजेंसी विभाग बंद कर दिया गया और अच्छी बात यह है कि सभी मरीज सुरक्ष‍ित हैं.

दिल्ली फायर सर्विस के डायरेक्टर  विपिन केंटल ने बताया कि एम्स के टीचिंग ब्लॉक में ओपीडी और न्यूरोलॉजी ब्लॉक भी है. ओपीडी ब्लॉक में ज्यादा मरीज नहीं थे, लेकिन उसके साथ वाले ब्लॉक से 13 मरीजों को रेस्क्यू किया और 7 मरीज वेंटिलेटर पर भी थे जिन्हें शिफ्ट किया गया. वेंटिलेशन शाफ़्ट की वजह से आग अंदर ही अंदर ऊपर की तरफ फैल गई.

बताया जा रहा है कि इमरजेंसी लैब में शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी आग पूरी लैब में फैल गई. यह वॉर्ड इमजरेंसी के करीब ही है, जिसकी वजह से तत्काल इमरजेंसी वार्ड को बंद कर दिया गया. इस वार्ड के मरीजों को अन्य जगहों पर शिफ्ट कर दिया गया.

सबसे प्रमुख बात यह है कि इन दिनों पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली गंभीर हालत में एम्स में भर्ती हैं. वह आग लगने की जगह से करीब 500 मीटर की दूरी पर दूसरे ब्लॉक में हैं. वहां राष्ट्रपति, पीएम मोदी सहित कई केंद्रीय मंत्रियों और अन्य वीवीआईपी का आना-जाना लगा है.

आस-पास के तमाम वार्ड में हजारों की संख्या में मरीज होते हैं, जो देश के काेने-काेने से आए होते हैं. जिस इमारत में आग लगी है वहां टीचिंग जैसे दूसरे कार्य होते हैं. आस-पास की इमारतों को ए‍हतियात के तौर पर खाली करा लिया गया है.

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