देश के बैंकों ने 50 बड़े विलफुल डिफाल्टर्स का 68,607 करोड़ रुपए का कर्ज बट्टे खाते में डाल दिया है. इसके बाद कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और सांसद राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर हमला बोला. राहुल ने कहा कि अब रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने नीरव मोदी, मेहुल चोकसी सहित भाजपा के मित्रों के नाम बैंक चोरों की लिस्ट में डाल दिए हैं. राहुल के हमले का अब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जवाब दिया है. उन्होंने कांग्रेस पर देश की जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया है.
मंगलवार को वित्त मंत्री ने एक-एक कर 13 ट्वीट किए. वित्त मंत्री ने बताया कि विजय माल्या से लेकर नीरव मोदी तक बीजेपी सरकार ने कर्ज वसूली के लिए क्या कदम उठाए हैं. उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और कांग्रेस के मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने लोगों को गुमराह करने की कोशिश की है. बिल्कुल कांग्रेस वाले तरीके से उन्होंने संदर्भ से बाहर निकालकर तथ्यों को सनसनीखेज बनाया है.
Shri @RahulGandhi MP (LS) and Shri @rssurjewala spokesperson of @INCIndia have attempted to mislead people in a brazen manner. Typical to @INCIndia, they resort to sensationalising facts by taking them out of context. In the following tweets wish to respond to the issues raised.
— Nirmala Sitharaman (@nsitharaman) April 28, 2020
क्या कहा वित्त मंत्री ने?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आगे कहा कि कांग्रेस के नेताओं ने जानबूझ कर बैंकों का कर्ज नहीं लौटाने वाले, फंसे कर्जों और राइट-ऑफ (बट्टे खाते) पर गुमराह करने की कोशिश की. 2009-10 और 2013-14 के बीच अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों ने 145226 करोड़ रुपये की राशि को राइट-ऑफ (बट्टे खाते में) किया था. आशा है कि राहुल गांधी ने डॉ मनमोहन सिंह से सलाह ली होगी कि यह राइट-ऑफ (बट्टा खाता) किस बारे में था.
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उन्होंने कहा कि NPA के लिए आरबीआई के तय किए चार साल के प्रावधान चक्र के हिसाब से नियम तय किए गए हैं. यह पूरा हो जाने पर ही बैंक NPA को राइट-ऑफ (बट्टे खाते) में डालते हैं, लेकिन वे उधारकर्ता से वसूली की कोशिश जारी रखते हैं. कोई ऋण माफ नहीं किया गया है.
मेहुल चोकसी पर हुई ये कार्रवाई
निर्मला सीतारमण ने मेहुल चोकसी केस के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि सरकार ने बड़ा ऐक्शन लेते हुए चोकसी की 1936 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति को अटैच किया है. इसमें 67.9 करोड़ रुपये की विदेशी संपत्ति भी शामिल है. इसके अलावा 597.75 करोड़ की प्रॉपर्टी को सीज करते हुए मेहुल चोकसी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस भी इश्यू किया जा चुका है. वित्तमंत्री ने बताया कि चोकसी के प्रत्यर्पण के लिए एंटीगुआ को एक अर्जी भेजी जा चुकी है. इसके अलावा उसे भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया भी जारी है.
माल्या पर कसी नकेलMehul Choksi Case : Attachments of Rs 1936.95 Crore including foreign attachment of Rs 67.9 Crore. Seizure of Rs 597.75 Crore. Red Notice issued. Extradition Request sent to Antigua. Hearing for declaration of Mehul Choksi as Fugitive Offender is in progress.
— Nirmala Sitharaman (@nsitharaman) April 28, 2020
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक अन्य ट्वीट में बताया कि अब तक माल्या की करीब 8040 करोड़ रुपये की संपत्ति को अटैच किया गया है. इसके अलावा 1693 करोड़ रुपये के शेयर भी जब्त किए जा चुके हैं. विजय माल्या को भगोड़ा घोषित करते हुए प्रत्यर्पण की अर्जी दी गई है.
Vijay Mallya Case : Total value at the time of attachment was Rs 8040 Crore and of seizure was Rs 1693 Crore. Value of shares at the time of seizure was Rs 1693 Crore. Declared fugitive offender. On extradition request by GoI,UK High Court, has also ruled for extradition.
— Nirmala Sitharaman (@nsitharaman) April 28, 2020
नीरव मोदी पर की ये कार्रवाई
वित्त मंत्री ने कहा कि हीरा व्यापारी नीरव मोदी की करीब 2387 करोड़ रुपये की संपत्ति को भी सरकार ने अटैच या सीज किया है. नीरव मोदी की जिन संपत्तियों को सरकार ने अटैच या सीज किया है, उसमें 961.47 करोड़ की विदेशी संपत्ति भी शामिल है. उन्होंने कहा कि देश छोड़कर भागा नीरव मोदी फिलहाल यूके की एक जेल में है.
Nirav Modi Case : Immovable and movable properties worth more than Rs 2387 Crore attached/seized.( Attachment Rs 1898 Crore and Seizure Rs 489.75 Crore) . This includes foreign attachments of Rs 961.47 Crore. Auction of luxury items for Rs 53.45 Crore. He is in prison in the UK.
— Nirmala Sitharaman (@nsitharaman) April 28, 2020
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, मंगलवार को तमाम मीडिया रिपोर्ट्स में रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा सूचना का अधिकार (आरटीआई) कानून के तहत दी गई एक जानकारी सामने आई है. आरटीआई कार्यकर्ता साकेत गोखले ने सूचना का अधिकार कानून के तहत देश के केंद्रीय बैंक से 50 विलफुल डिफाल्टर्स का ब्योरा और उनके द्वारा लिए गए कर्ज की 16 फरवरी तक की स्थिति के बारे में जानकारी मांगी थी.
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दी गई जानकारी के मुताबिक, देश के बैंकों ने 50 बड़े विलफुल डिफाल्टर्स का 68,607 करोड़ रुपए का कर्ज बट्टे खाते में डाल दिया. मतलब अब बैंक यह मान चुके हैं कि ये कर्ज नहीं मिलने वाले हैं. इनमें भगोड़ा हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी भी शामिल है.
कांग्रेस ने क्या कहा था?
इस पूरे मामले में कांग्रेस ने मोदी सरकार पर निशाना साधा. राहुल गांधी ने सरकार पर बड़े बैंक डिफॉल्टर के नामों को छिपाने का आरोप लगाया. संसद में अपने पूछे गए प्रश्न का जिक्र करते हुए राहुल ने कहा कि अब रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने नीरव मोदी, मेहुल चोकसी सहित भाजपा के मित्रों के नाम बैंक चोरों के लिस्ट में डाल दिए हैं.
वहीं, कांग्रेस के मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि बैंक लुटेरों द्वारा पैसा लूटो-विदेश जाओ-लोन माफ कराओ ट्रैवल एजेंसी का पर्दाफाश! 'भगोड़ों का साथ-भगोड़ों का लोन माफ’ बन गया है भाजपा सरकार का मूलमंत्र.'