पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी (Atal Bihari Vajpayee) अब इस दुनिया में नहीं रहे. नई दिल्ली के एम्स में लंबे इलाज के दौरान बुधवार को 93 साल की उम्र में उनका निधन हो गया. वाजपेयी के निधन की खबर के साथ ही पूरे देश में शोक की लहर फैल गई. उनके निधन पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लाल कृष्ण आडवाणी समेत कई शीर्ष नेताओं ने गहरा दुख जताया. लालू ने कहा कि आप बहुत याद आओगे.
वाजपेयी के निधन पर शीर्ष नेताओं ने अपनी श्रद्धांजलि दी. वाजपेयी के करीबी दोस्त रहे लाल कृष्ण आडवाणी ने गहरा दुख जताया. वहीं मुरली मनोहर जोशी ने उनके निधन पर देश की अपूरणीय क्षति बताया. प्रख्यात गायिका लता मंगेशकर ने कहा कि उनकी निधन की बात सुनकर अच्छा नहीं लग रहा.
आडवाणी ने कहा, ''आज मेरे पास अपने दुख को व्यक्त करने के लिए शब्द नहीं हैं. भारत के सबसे बड़े राजनेताओं में से एक अटल बिहारी वाजपेयी को हमने खो दिया है. मेरे लिए, अटलजी एक वरिष्ठ साथी से भी बढ़कर थे. वास्तव में वह 65 साल से भी ज्यादा समय तक मेरे सबसे करीबी मित्र रहे.'
उन्होंने आगे कहा, 'मैंने उनके साथ अपने लंबे संबंधों की यादें संजोकर रखी हैं. आरएसएस के प्रचारक के तौर पर हमारे दिनों से, फिर भारतीय जन संघ की स्थापना, आपातकाल के दौरान संघर्ष, फिर जनता पार्टी का बनना और बाद में 1980 में भारतीय जनता पार्टी की स्थापना तक.'
वाजपेयी के प्रधानमंत्री रहने के दौरान उपप्रधानमंत्री रहे आडवाणी ने कहा कि अटल जी केंद्र में पहली गैर कांग्रेसी सरकार को 5 साल चलाने के लिए याद किया जाएगा. उन्हें 6 साल के उनके डिप्टी के रूप में काम करने का मौका मिला है. अपने प्रेस रिलीज में आडवाणी ने कहा, 'बतौर मेरे वरिष्ठ, वह हमेशा उत्साहित करते रहे और हर संभव तरीके से मुझे निर्देशित करते रहे. मुझे अटल जी कमी खलेगी.'
'उनका जाना पिता खोने जैसा'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर कहा कि उनका जाना पिता के खोने जैसा है. मां भारती के सच्चे सपूत थे अटल जी. उनका विराट व्यक्तित्व था. अटल जी के जाने से एक युग का अंत हो गया है.
वाजपेयी के निधन पर प्रख्यात गायिका लता मंगेशकर ने कहा, 'मुझे ऐसा लगता है कि एक साधु पुरुष चला गया है. वह अच्छे लेखक और कवि थे. लोग उनका भाषण सुनने के लिए तरसते थे, वह एक सच्चे और अच्छे इंसान थे.' उन्होंने कहा, 'वाजपेयी के निधन पर मुझे कुछ भी अच्छा नहीं लग रहा.'
'राजनीति के आकाश का ध्रुवतारा नहीं रहा'
वाजपेयी के पार्थिव शरीर के कृष्णा मेनन मार्ग स्थित उनके आवास पर पहुंचने के बाद भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह ने पीसी में कहा कि आवास पर सुबह साढ़े सात बजे से साढ़े आठ बजे तक वाजपेयी के अंतिम दर्शन किए जा सकेंगे. इसके बाद नौ बजे उनके पार्थिव शरीर को बीजेपी मुख्यालय ले जाया जाएगा, जहां से एक बजे उनकी अंतिम यात्रा निकाली जाएगी. इसके बाद दिल्ली स्थित राष्ट्रीय स्मृति स्थल पर गुरुवार शाम उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा.
अमित शाह ने कहा, 'भारतीय राजनीति के आकाश का ध्रुवतारा नहीं रहा. वो बहुमुंखी प्रतिभा के धनी थे. देश ने एक अजातशत्रु नेता को खोया है. पत्रकारिता ने एक स्वभावगत पत्रकार को खोया है. साहित्य ने एक कवि राजनेता खोया है. करोड़ों युवाओं ने अपनी प्रेरणा को रोया है. वो संसद में देशभक्ति की आवाज थे. हमने अपना लोकप्रिय नेता खोया है. वो हम सबके मार्गदर्शक थे. उनके जाने से जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई नहीं की जा सकती है.'
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने भी ट्वीट कर उनके निधन पर शोक जताया.
भारतीय संस्कृति एवं मूल्यों को अपने विचार और आचरण द्वारा राष्ट्र जीवन में प्रतिष्ठित करने वाले, एक प्रखर दृढ एवं सर्व स्वीकृत व्यक्तित्व हम सब के बीच में से चला गया। समाज जीवन में इस शून्यता को भरना आसान नहीं होगा। उनकी पुण्य स्मृति में शत शत नमन :
मोहन भागवत एवं सुरेश भैया जोशी
— RSS (@RSSorg)
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने ट्वीट करके कहा कि भारतीय राजनीति में एक युग का अंत हो गया है और वाजपेयी के मृत्यु से उन्होंने अपना मित्र और अभिभावक को दिया है. लालू ने कहा कि वाजपेयी उस राजनीतिक धारा के आखिरी स्तंभ थे जहां परस्पर विरोधी राजनीतिक विचारधारा के लोग सहज और शालीन संवाद कर सकते थे. उन्हें गर्व है कि अटल जी के नाम में बिहारी भी था. आप बहुत याद आओगे.
भारतीय राजनीति में एक युग का अंत। वाजपेयी जी के निधन से मैनें एक मित्र और अभिभावक खो दिया हैं।वो उस राजनीतिक धारा के आखिरी स्तम्भ थे जहां परस्पर विरोधी राजनीतिक विचारधारा के लोग सहज और शालीन संवाद कर सकते थे।और हां! गर्व का विषय है कि अटलजी के नाम मे बिहारी भी था।आप बहुत याद आओगे
— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd)
अटल बिहारी वाजपेयी और नरेंद्र मोदी की सरकार कैबिनेट मंत्री सुषमा स्वराज ने भी पूर्व प्रधानमंत्री के निधन पर शोक जताया और भावभीनी श्रद्धांजलि दी.
श्री अटल बिहारी वाजपेयी के जाने से एक युग समाप्त हो गया. वह विरोधियों के भी चहेते और कार्यकर्ताओं के आत्मीय नेता थे. स्वाभाव की सहजता और हृदय की उदारता उनके व्यक्तित्व की विशेष खूबी थी. उनके प्रति मेरी भावभीनी श्रद्धांजलि.
— Sushma Swaraj (@SushmaSwaraj)
PM मोदी बोले- शून्य में हूं
वाजपेयी के निधन की खबर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा, 'मैं निःशब्द हूं, शून्य में हूं, लेकिन भावनाओं का ज्वार उमड़ रहा है.' अपनी एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा कि उनकी प्रेरणा, मार्गदर्शन हर भारतीय को, हर बीजेपी कार्यकर्ता को हमेशा मिलता रहेगा.
मैं नि:शब्द हूं, शून्य में हूं, लेकिन भावनाओं का ज्वार उमड़ रहा है।
हम सभी के श्रद्धेय अटल जी हमारे बीच नहीं रहे। अपने जीवन का प्रत्येक पल उन्होंने राष्ट्र को समर्पित कर दिया था। उनका जाना, एक युग का अंत है।
— Narendra Modi (@narendramodi)
अटल जी आज हमारे बीच में नहीं रहे, लेकिन उनकी प्रेरणा, उनका मार्गदर्शन, हर भारतीय को, हर भाजपा कार्यकर्ता को हमेशा मिलता रहेगा। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे और उनके हर स्नेही को ये दुःख सहन करने की शक्ति दे। ओम शांति !
— Narendra Modi (@narendramodi)
पूर्व प्रधानमंत्री व भारतीय राजनीति की महान विभूति श्री अटल बिहारी वाजपेयी के
देहावसान से मुझे बहुत दुख हुआ है। विलक्षण नेतृत्व, दूरदर्शिता तथा अद्भुत भाषण उन्हें
एक विशाल व्यक्तित्व प्रदान करते थे।उनका विराट व स्नेहिल व्यक्तित्व हमारी स्मृतियों में बसा रहेगा—राष्ट्रपति कोविन्द
— President of India (@rashtrapatibhvn)
वाजपेयी के निधन पर भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह ने भी ट्वीट कर शोक जताया और वाजपेयी को विनम्र श्रद्धांजलि दी.
Link of my blog: भारतीय राजनीति के शिखर पुरुष भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी को विनम्र श्रद्धांजलि।
अटल जी की स्मृतियों को नमन।
अटल जी को कोटि-कोटि वंदन। 🙏🙏
— Amit Shah (@AmitShah)
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने वाजपेयी के निधन पर शोक जताया और ट्वीट कर अपनी श्रद्धांजलि दी.
Today India lost a great son. Former PM, Atal Bihari Vajpayee ji, was loved and respected by millions. My condolences to his family & all his admirers. We will miss him.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi)
बिहार के मुख्यमंत्री और वाजपेयी सरकार में रेल मंत्री रहे नीतिश कुमार ने भी पूर्व प्रधानमंत्री के निधन पर शोक जताया.
भारत के पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी का निधन दुःखद। देश ने सबसे बड़े राजनीतिक शख्सियत, प्रखर वक्ता, लेखक, चिंतक, अभिभावक एवं करिश्माई व्यक्तित्व को खो दिया। उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।
— Nitish Kumar (@NitishKumar)
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी ट्वीट कर वाजपेयी के निधन को देश की बड़ी क्षति बताया.
Very very saddened that the great statesman and former PM Shri Atal Bihari Vajpayee ji is no more with us. His passing away is a very big loss to our nation. I will always cherish the many fond memories. Condolences to his family and his many admirers
— Mamata Banerjee (@MamataOfficial)
समाजवाजी पार्टी के नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी ट्वीट कर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की.
एक महान जीवन का अंत। लेकिन एक प्रेरणा जो सदा जीवित रहेगी। अटल जी को हमारी भावपूर्ण श्रद्धांजलि!
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh)
कांग्रेस ने भी उनके निधन पर शोक जताया.
Former PM Atal Bihari Vajpayee was a great leader, loved by many & revered by all. We grieve his demise & our thoughts & prayers are with his family today.
— Congress (@INCIndia)
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी ट्वीट के जरिए वाजपेयी के निधन पर शोक जताया.
मैं परम श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी को अश्रुपूरित श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। हम सब के लिए ये दुखदायी क्षण है। हमारे सिर से पितृतुल्य ऐसे व्यक्तित्व का साया उठ गया, जिसने हमेशा चुनौतियों से लड़ने का साहस दिया, नई राह दिखाई। आज एक राजनीतिक युग का अंत हो गया।
— ShivrajSingh Chouhan (@ChouhanShivraj)
जिनके शब्द हमारी शक्ति हैं, आशीर्वाद हमारी ऊर्जा, जिनकी प्रेरणा हमें देश सेवा के लिए समर्पित करें, ऐसे आदरणीय अटल बिहारी वाजपेयी जी के चरणों में बारंबार प्रणाम। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें।
— ShivrajSingh Chouhan (@ChouhanShivraj)
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भी ट्वीट के जरिए वाजपेयी के निधन पर अपनी शोक संवेदना व्यक्त की.
परम आदरणीय, जन-जन के प्रिय, अटल जी, अब हमारे बीच नहीं रहे, दुःख की इस बेला में प्रार्थना है कि हे! ईश्वर हमारे पथ प्रदर्शक को अपने चरणों में स्थान देने की कृपा करना।
— Manohar Lal (@mlkhattar)
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने भी पूर्व प्रधानमंत्री के निधन पर शोक जताया.
We have lost one of the greatest visionaries the nation has seen, on this unfortunate day. The beloved former Prime Minister of India, Atal Bihari Vajpayee ji will continue to inspire us and the generations to come. May he rest in peace.
— N Chandrababu Naidu (@ncbn)
वाजपेयी सरकार में केंद्रीय मंत्री रहे अरुण जेटली ने भी उनके निधन पर दुख जताया और उन्हें देश के शीर्षतम नेताओं में शुमार किया.
Saddened by the demise of Atalji, unquestionably one of the tallest leaders of India. His contribution to India and India’s democracy will be always remembered.
— Arun Jaitley (@arunjaitley)
मोदी सरकार में रेल और कोयला मंत्री पीयूष गोयल ने वाजपेयी के निधन को एक युग का अंत बताया और व्यक्तिगत रूप में अपने लिए अपूरणीय क्षति करार दिया.
श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी का जाना एक युग का अंत है। अटल जी का महान व्यक्तित्व, सौम्य शैली, राष्ट्रभक्ति, दूरदृष्टि, चुनौतियों से सामना करने की दृढ़ इच्छाशक्ति व उनके महान आदर्श हमें सदैव प्रेरणा देंगे। व्यक्तिगत रूप से मेरे लिए यह एक अपूरणीय क्षति है। भावपूर्ण श्रद्धांजलि।
— Piyush Goyal (@PiyushGoyal)
राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष सचिन पायलट ने भी पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी के निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित की.
लोकप्रिय वक्ता, लेखक और भारत रत्न जिनकी पूरी जीवनी स्वयं में एक संस्थान की तरह है ऐसे जननायक देश के पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के निधन पर विनम्र श्रद्धांजलि!!!
मैं जी भर जिया, मैं मन से मरूँ, लौटकर आऊँगा, कूच से क्यों डरूँ?
— Sachin Pilot (@SachinPilot)
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, गृहमंत्री राजनाथ सिंह समेत बीजेपी के सभी बड़े नेताओं ने आज भी एम्स पहुंच उनका हाल जाना था. भारतीय जनता पार्टी ने देश में अपने सभी कार्यक्रमों को रद्द कर दिया.पार्टी मुख्यालय में पार्टी के झंडे को झुका दिया गया है.
अटल बिहारी वाजपेयी डिमेंशिया नाम की गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे और 2009 से ही व्हीलचेयर पर थे. 2014 में भारत सरकार ने उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया था.अटल बिहारी वाजपेयी 1991, 1996, 1998, 1999 और 2004 में लखनऊ से लोकसभा सदस्य चुने गए थे. वो बतौर प्रधानमंत्री अपना कार्यकाल पूर्ण करने वाले पहले और एकमात्र गैर-कांग्रेसी नेता थे. 25 दिसंबर, 1924 में जन्मे वाजपेयी ने भारत छोड़ो आंदोलन के जरिए 1942 में भारतीय राजनीति में कदम रखा था.