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असम सरकार का बड़ा फैसला, गुटखा और पान मसाला पर लगाया 1 साल का बैन

असम सरकार ने फूड सेफ्टी एंड सिक्युरिटी एक्ट 2006 की धारा 30 का इस्तेमाल करते हुए गुटखा और पान मसाला पर बैन लगा दिया है.

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सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर

  • राज्य सरकार ने फूड सेफ्टी एंड सिक्युरिटी एक्ट के तहत लगाया बैन
  • 2013 में भी असम में लगा था गुटखा और पान मसाला पर प्रतिबंध
असम सरकार ने सूबे को तंबाकू मुक्त बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है. सरकार ने तंबाकू से बने गुटखा व पान मसाला पर एक साल के लिए पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है. इसके साथ ही अब असम में तंबाकू से बने गुटखा व पान मसाला के बेचने, स्टोर करने, बांटने और प्रदर्शन करने पर रोक लग गई है.

असम सरकार ने फूड सेफ्टी एंड सिक्युरिटी एक्ट 2006 की धारा 30 की उपधारा 2 (A) का इस्तेमाल करते हुए गुटखा और पान मसाला पर यह बैन लगाया है. असम सरकार के फूड सेफ्टी कमिश्नर डॉ. चंद्रिमा बरुआह ने नोटिस जारी कर इसकी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (प्रोहिबिशन्स एंड रिस्ट्रिक्शन्स ऑन सेल्स) रेगुलेशन्स 2011 की धारा 2, 3 और 4 के तहत यह प्रतिबंध लगाया गया है.

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असम सरकार ने तंबाकू से बने गुटखा व पान मसाला खाने लोगों की मौत होने के बाद यह कदम उठाया है. सरकार ने गुटखा और पान मसाला को लोगों के जीवन के लिए खतरा बताया है. इससे पहले साल 2013 में असम सरकार ने गुटखा और पान मसाला की पैकजिंग करने और बनाने पर

इससे पहले पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी सरकार ने गुटखा और पान मसाला पर बैन एक साल के लिए बढ़ा दिया था. यह फैसला पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग ने लिया था. गुटखा और पान मसाला पर प्रतिबंध की बढ़ी अवधि 7 नवंबर से लागू हो गई. राज्य सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग ने 25 अक्टूबर की अधिसूचना के जरिए फैसले का ऐलान किया था.

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