समाजसेवी अन्ना हजारे ने रविवार को की. पांच दिनों तक चलने वाली इस जनतंत्र यात्रा में अन्ना यूपीए सरकार की नीतियों के खिलाफ जनसमर्थन जुटाएंगे.
इस यात्रा के तहत वो 25 मुद्दे वाले एजेंडे के साथ रैलियां करेंगे जिसमे भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और महंगाई सबसे अहम रहेगा. अन्ना ने ये भी एलान किया है कि 5 महीने बाद वो दिल्ली में वो विशाल जनसंसद का आयोजन भी करेंगे.
किसी राजनीतिक दल ने नहीं दिया जवाब
हजारे ने कहा कि यात्रा पर फैसला लेने से पहले उन्होंने इसमें शामिल होने के लिए सभी राजनीतिक दलों को पत्र लिखे थे लेकिन कोई भी दल आगे नहीं आया. हजारे ने घोषणा की कि दिल्ली के रामलीला मैदान में पांच महीने के बाद एक विशाल जन-संसद का भी आयोजन किया जाएगा.
हजारे ने कहा कि कांग्रेस नीत संप्रग सरकार के खिलाफ जनता का समर्थन जुटाने के लिए रविवार से ‘जनतंत्र यात्रा’ शुरू हो रही है. इसके तहत 25 सूत्री एजेंडे को लेकर वह दूसरे कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर जन रैलियां शुरू करेंगे.
हजारे ने कहा कि जन लोकपाल विधेयक और खारिज करने का अधिकार जैसे मामलों पर जनता को जागरूक और संगठित करने की जरूरत है. देश एक जन आंदोलन या जन क्रांति के माध्यम से ही बदल सकता है.
उन्होंने कहा कि सभी आंदोलनकारी एक ही मंच पर आए तभी देश में बदलाव आएगा. अलग-अलग हमारी ताकत बिखरी हुई है लेकिन एक साथ होने पर हम एकजुट और लोहे के खंभे की तरह मजबूत होंगे. हजारे की पांच दिनों की यह ‘जनतंत्र यात्रा’ रविवार से अमृतसर में शुरू हो रही है. इस दौरान हजारे पंजाब में आठ जन रैलियों को संबोधित करेंगे.