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'RSS की गोद में मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड, BJP के इशारे पर कर रहा काम'

मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के खिलाफ शिया वक्फ बोर्ड पहले से अभियान चला रहा है. इसके बाद अब सुन्नी समुदाय का बरेलवी फिरका भी नाराज दिख रहा है. 2019 लोकसभा चुनाव से पहले मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड द्वारा शरिया अदालत बनाए जाने के कदम से गुस्से में है.

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मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के तीन अहम सदस्य (फाइल फोटो)
मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के तीन अहम सदस्य (फाइल फोटो)

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) द्वारा उठाए जाने वाले कदम बीजेपी और आरएसएस के लिए खाद पानी की तरह होते हैं. फिर चाहे मुद्दा तीन तलाक का हो, बाबरी मस्जिद का या फिर शरिया अदालत (दारुल कजा) बनाए जाने का फैसला हो. बोर्ड के स्टैंड से मुसलमानों को कम संघ और बीजेपी को कुछ ज्यादा ही फायदा मिलता दिख रहा है. ऐसे में मुस्लिम संगठन ही AIMPLB के खिलाफ खड़े नजर आ रहे हैं.

मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के खिलाफ शिया वक्फ बोर्ड पहले से अभियान चला रहा है. इसके बाद अब सुन्नी समुदाय का बरेलवी फिरका भी नाराज दिख रहा है. 2019 लोकसभा चुनाव से पहले मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड द्वारा शरिया अदालत बनाए जाने के कदम से गुस्से में हैं.

मौलाना तौकीर रजा ने आजतक से बातचीत में में बैठ गया है और उसी के इशारे पर खेल रहा है. लोकसभा चुनाव से पहले हिंदू-मुस्लिम को आमने सामने लाने का काम हो रहा है.  बीजेपी को फायदा पहुंचाने के लिए शरई अदालतों का मुद्दा उठाया गया है.

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तौकीर रजा ने कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड प्री प्लान चुनावी साल में शरई अदालतों की बात कर रहा है. जबकि मजहबी फैसलों को लिए दारुल इफ्ता पहले से हैं, जहां शरई फैसले होते हैं. इसके बावजूद बोर्ड के द्वारा शरई अदलतों की बात करना साफ है कि संघ के इशारे पर सब कुछ हो रहा है.

मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने रविवार को दिल्ली में बैठक करके दी है. इनमें से 6 को जल्द बनाए जाने के लिए बोर्ड ने काम भी शुरू कर दिया है. इनमें दो यूपी, एक महाराष्ट्र, एक गुजरात और दो अन्य राज्य बनाए जाएंगे.

मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड भी कहीं न कहीं ये मानता है कि उनके फैसले पर संघ और बीजेपी राजनीति करती हैं. AIMPLB के सदस्य जफरयाब जिलानी खुद कहते हैं कि आरएसएस और बीजपी शरई अदालत के नाम पर राजनीति कर रही हैं. इससे साफ है कि AIMPLB के फैसले पर जमकर सियासी रोटिंया सेंकी जाती हैं.

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के विरोध में ही मौलाना तौकीर रजा ने ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड 'जदीद' के नाम से अलग संगठन पहले बना रखा है. वहीं शिया समुदाय भी अरपा शिया पर्सनल लॉ बोर्ड चला रहा है. इससे साफ है कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड पर सभी एकमत नहीं हैं.

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