असम में अब सरकार ने मोर्चा खोल दिया है. आदिवासियों के सामूहिक नरसंहार के बाद शुक्रवार को सेना ने असम राइफल्स, अर्धसैनिक बल और असम पुलिस के साथ मिलकर बोडो उग्रवादियों के खिलाफ ऑपरेशन 'ऑल आउट' शुरू कर दिया. सेना प्रमुख जनरल दलबीर सिंह सुहाग और गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात के बाद यह ऑपरेशन शुरू हुआ .
सेना की अगुवाई में करीब 9 हजार जवान असम के हिंसाग्रस्त सोनितपुर जिले में इस काम के लिए पहुंच चुके हैं. इस ऑपरेशन की शुरुआत फुलबरी से की गई है. सुरक्षा बलों के निशाने पर 74 बोडो उग्रवादी (NDFB) हैं जिन्होंने आदिवासियों की हत्या की थी. इस ऑपरेशन की जानकारी म्यांमार और चीन को भी दी गई है. गौरतलब है कि 23 दिसंबर को बोडो उग्रवादियों ने असम के सुदूर गांवों में बेकसूर आदिवासियों पर हमले करके 75 से ज्यादा लोगों की जान ले ली थी. मरने वालों में महिलाओं और बच्चों की संख्या ज्यादा थी. सेना ने ऑपरेशन में हेलिकॉप्टर भी शामिल किए हैं, ताकि उग्रवादी म्यांमार और बांग्लादेश न भाग सकें.

ऑपरेशन के लिए अर्द्धसैनिक बल के 5000 जवान और असम राइफल्स की तीन यूनिट बुलाई गई हैं. इस दौरान असम पुलिस आम नागरिकों की सुरक्षा का काम ही करेगी. सेना प्रमुख दलबीर सिंह सुहाग शुक्रवार को गृह मंत्री से मिले और उन्हें ऑपरेशन की जानकारी दी. इस बैठक के बाद सेना प्रमुख ने सिर्फ इतना कहा, 'बैठक असम में सुरक्षा के मसले पर थी. हम वहां अपना ऑपरेशन तेज करने जा रहे हैं. मैं इससे ज्यादा नहीं बता सकता.'
Meet was abt security in Assam, will intensify our operations there: Army Chief DS Suhag after meeting Rajnath Singh
— ANI (@ANI_news)
असम में 12 घंटे का बंदBandh called in Assam in the wake of
— ANI (@ANI_news)
बंद समर्थकों ने सिलीघाट-गुवाहाटी एक्सप्रेस रेलवे लाइन को अवरुद्ध कर दिया. वहीं एक ट्रक को भी आग लगा दी गई.
Dibrugarh: Protesters set a truck on fire in protest of
— ANI (@ANI_news)