बिहार के पुलिस महानिदेशक - डी जी पी अभयानंद ने कहा कि ब्रह्मेश्वर मुखिया की शव यात्रा के दौरान उपद्रव करने वालों की पहचान का काम शुरू कर दिया गया है.
पटना में शनिवार को संवाददाताओं को संबोधित करते हुए अभयानंद ने कहा कि ब्रह्मेश्वर मुखिया की शव यात्रा में शामिल उपद्रवियों द्वारा सरकारी एवं गैर सरकारी वाहनों और अन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने वालों की पहचान का काम शुरू कर दिया गया है.
उन्होंने कहा कि शव यात्रा में पूरे बिहार के कई हिस्से से आए लोग शामिल थे और कुछ पटना के भी थे जिनकी पहचान का काम शुरू कर दिया गया है.
अभयानंद ने कहा कि शव यात्रा में शामिल उपद्रवियों द्वारा सरकारी एवं गैर सरकारी वाहनों और अन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाए जाने से स्थिति को गंभीर होते देख गृह विभाग के प्रधानसचिव आमिर सुबहानी, अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था एस के भारद्वाज, पटना के प्रमंडलीय आयुक्त के पी रमैय्या और पटना प्रमंडल के पुलिस महानिरीक्षक भृगु श्रीनिवासन के साथ तीन घंटे पूर्व एक बैठक कर यह निर्णय लिया गया है कि हालात की निगरानी की जाएगी.
उन्होंने कहा कि शव यात्रा के दौरान उपद्रव करने वालों की विडियोग्राफी हमलोगों ने करायी है और यह मीडिया के पास भी है और उनके मोटरसाईकिलों का नंबर रिकॉर्ड किया गया है.
बिहार के पुलिस महानिदेशक अभयानंद ने कहा कि उपद्रव करने वालों की पहचान के बाद कानूनी प्रक्रिया को पूरी कर, मामले की शीघ्र जांच करने के बाद हम कोशिश करेंगे कि न्यायालय से यथाशीघ्र न्यायिक प्रक्रिया पूरी हो और कानून तोड़ने वालों को दंडित किया जा सके. उन्होंने कहा कि ब्रहमेश्वर की हत्या के बाद जो परिस्थितियां बनी उसके हिसाब से सभी विकल्पों पर विचार कर जो संभावित सबसे उचित निर्णय हो सकता था वह लिया गया.
अभयानंद ने कहा कि एक शव यात्रा निकाली गयी है जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल थे और कुछ लोग उग्र हो रहे थे ऐसे में अगर कोई कोई दूसरा निर्णय लिया जाता तो शायद स्थिति और भी खराब हो जाती.
उन्होंने कहा कि अंतिम संस्कार का काम अब समाप्त हो गया है और उसके बाद घटी कुछ घटनाओं में पुलिस ने कार्रवाई भी की है.
यह पूछने पर कि ब्रहमेश्वर की कल हत्या के बाद उत्पन्न हुए हालात के मद्देनजर उनके शव का अंतिम संस्कार भोजपुर जिला में नहीं कराकर शव को पटना लाकर अंतिम संस्कार कराए जाने की अनुमति प्रशासन ने किस परिस्थिति में दी, उन्होंने कहा कि मृतक के शव का अंतिम संस्कार कहां होगा इस संबंध में निर्णय उनके परिजन ही ले सकते हैं और ब्रह्मेश्वर मुखिया के शव को पटना लाकर अंतिम संस्कार करने का निर्णय उनके परिवार के द्वारा ही लिया गया था.
अभयानंद ने कहा कि पर यह किसी को हक नहीं कि शव यात्रा के दौरान वे कुछ गड़बड़ी करें और ब्रह्मेश्वर मुखिया की शव यात्रा के दौरान आज जो कुछ भी हुआ उसके लिए उपद्रव करने वालों के साथ उनके परिवार के सदस्य भी जिम्मेदार हैं.