गांधीवादी नेता अन्ना हजारे ने दिल्ली के रामलीला मैदान में अपने अनशन के छठे दिन सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि ‘सरकार को लोकपाल विधेयक लाना होगा नहीं तो उसे जाना होगा.’
अन्ना ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार जनलोकपाल विधेयक पारित नहीं करती है तो 30 अगस्त को पूरे देश में इससे भी बड़ा आंदोलन होगा. अन्ना हजारे ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि सरकार को लोकपाल बिल लाना होगा, नहीं तो उसे जाना होगा.
| आंदोलन से जुड़े अपने अनुभव, खबरें, फोटो हमें पर भेजें. हम उसे आजतक की वेबसाइट पर प्रकाशित करेंगे. |
लोकपाल मुद्दे सरकार द्वारा सिविल सोसायटी के साथ धोखा करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने देश भर में अपने समर्थकों से कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्र के सांसदों के घरों पर जाकर जनलोकपाल विधेयक के समर्थन में धरना दें.
अन्ना ने अपने समर्थकों से अनुरोध किया कि जनलोकपाल बिल पास होने के बाद देश में परिवर्तन की लड़ाई शुरू करनी है और अन्य मुद्दों पर भी इसी तरह का आंदोलन करना है. सरकार द्वारा खुद को तिहाड़ भेजे जाने पर उन्होंने कहा कि सरकार ने मुझे तिहाड़ भेजा, लेकिन देश के लिए जेल जाना मेरे लिए दूषण नहीं भूषण है.
अन्ना ने एक बार फिर अपनी बात दोहराते हुए कहा कि अन्ना रहे ना रहे भ्रष्टाचार मुक्ति के लिए यह मशाल जलती रहनी चाहिए. उन्होंने बताया कि छह दिन के अनशन में उनका वजन चार किलोग्राम कम हुआ है.
डॉक्टर नरेश त्रेहन की टीम ने आज शाम अन्ना के स्वास्थ्य की जांच की. त्रेहन ने बताया कि वह पूरी तरह स्वस्थ हैं.
अन्ना के सहयोगी प्रशांत भूषण ने कहा कि अगर सरकार तर्क के आधार पर हमें यह समझा सके कि जनलोकपाल में बदलाव की जरूरत है तो सरकार का कोई भी नुमाइंदा हमसे चर्चा कर सकता है. उन्होंने कहा कि सरकार कम से कम इस विधेयक को संसद में पेश तो करे, इच्छाशक्ति तो दिखाए.
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सरकार की तरफ से अभी तक कोई ठोस प्रस्ताव नहीं आया है. हालांकि दोनों पक्षों ने वार्ता की इच्छा व्यक्त की है. अन्ना हजारे की टीम ने सरकार के साथ वार्ता की इच्छा जताई जबकि सरकार ने गांधीवादी नेता के अनशन के छठे दिन महाराष्ट्र के एक शीर्ष नौकरशाह और एक आध्यात्मिक नेता के माध्यम से बातचीत का पिछला दरवाजा खोला.
महाराष्ट्र के अतिरिक्त मुख्य सचिव उमेश चंद्र सारंगी ने इंदौर के आध्यात्मिक नेता बैयूजी महाराज के साथ हजारे से मुलाकात की. आध्यात्मिक नेता का महाराष्ट्र के कई शीर्ष नेताओं से परिचय है.
सारंगी का हजारे के साथ अच्छा तालमेल है जिन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख के मातहत ऐसी कई स्थितियों के समाधान में मदद की है जब वह या तो अनशन पर रहे या ऐसा करने की चेतावनी दी. टीम अन्ना ने उनके साथ मुलाकात को व्यक्तिगत बताया.
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने एक दिन पहले ही कहा था कि सरकार वार्ता को तैयार है जबकि 73 वर्षीय हजारे ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उनके अभियान में लोकपाल बिल पर सरकार के साथ वार्ता के दरवाजे बंद नहीं हैं.
अपने अनशन के छठे दिन रामलीला मैदान में हजारों समर्थकों से उन्होंने कहा कि हमने वार्ता के दरवाजे बंद नहीं किये हैं. हमने इसे खुला रखा है. सिर्फ बातचीत के माध्यम से मुद्दों को सुलझाया जा सकता है.
संसदीय मामलों के राज्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि केंद्र ने गतिरोध तोड़ने के लिये विभिन्न स्तरों पर टीम अन्ना के साथ वार्ता की प्रक्रिया शुरू की है. रावत ने देहरादून में कहा कि वार्ता प्रक्रिया विभिन्न स्तरों पर शुरू की जा चुकी है. यह वार्ता विभिन्न स्तरों पर है जो एक-दूसरे के समानांतर नहीं है बल्कि एक-दूसरे की पूरक है.
‘इंडिया अगेन्स्ट करप्शन’ की कोर कमेटी की एक बैठक हुई जिसमें प्रधानमंत्री के वार्ता को तैयार होने को लेकर चर्चा की गई. इसने कहा कि सरकार की ओर से अभी तक कोई प्रस्ताव नहीं आया है.
हजारे के प्रमुख सहयोगी अरविंद केजरीवाल ने बैठक में किये गये पांच निर्णयों की घोषणा करते हुए पूछा कि हमें किसके साथ और कहां पर चर्चा करनी चाहिए.