अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि पाकिस्तान के ऐबटाबाद स्थित परिसर में छह साल से रह रहे को उस मुल्क के अंदर कुछ बुनियादी मदद मिली थी और इस पहलू की जांच की जाने की जरूरत है.
गौरतलब है कि उनके शीर्ष सुरक्षा सलाहकार ने कहा है कि इस बात का अभी कोई सबूत नहीं है कि पाकिस्तान सरकार को अपने मुल्क में अलकायदा सरगना की मौजूदगी के बारे में जानकारी थी.
ओबामा ने सीबीएस के 60 मिनट कार्यक्रम में इस मुद्दे पर अपनी पहली सार्वजनिक टिप्पणी में कहा, ‘‘हमे लगता है कि पाकिस्तान के भीतर ओसामा को कुछ मदद मिली होगी.’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम नहीं जानते कि वे लोग पाकिस्तान सरकार में मौजूद कुछ लोग हैं या सरकार के बाहर के लोग हैं. इन चीजों की हमें जांच करने की जरूरत है और सबसे अहम है कि पाकिस्तान सरकार को जांच करनी होगी.’’
इस बीच पाकिस्तानी सेना ने ऐबटाबाद स्थित ओसामा बिन लादेन के परिसर को दोबारा नियंत्रण में ले लिया. गौरतलब है कि अमेरिकी विशेष बलों ने इसी परिसर में ओसामा को मार गिराया था.
हालांकि, इस परिसर को नियंत्रण में लिए जाने से यह अटकलें बढ़ गई है कि इसमें मौजूद भवन को ढहा दिया जाएगा, ताकि यह जिहादियों के आकषर्ण के केंद्र के रूप में कोई मकबरा न बन जाए. इस बीच, ऐबटाबाद में दो धमाके होने की अपुष्ट खबरें मिली हैं, लेकिन यह कहां हुआ, इस बारे में ब्योरा नहीं मिला है.
उधर, वाशिंगटन से प्राप्त खबर के मुताबिक सीनेटर रिचर्ड लुगार ने कहा है कि पाकिस्तानी सेना से जुड़े लोगों को ओसामा बिन लादेन के ठिकाने की जानकारी थी, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के प्रशासन ने कहा है कि इस बारे में कोई सबूत नहीं है पाकिस्तानी सरकार को ओसामा का कुछ अता-पता था.
वहीं, सीनेटर जॉन केरी ने सीबीएस न्यूज से एक साक्षात्कार में कहा कि ओसामा के खात्मे के बाद पाकिस्तान को बहुत सी चीजों में बदलाव लाने की जरूरत है, जिसमें आईएसआई की दोहरी सौदेबाजी और भारत के प्रति अपने संसाधनों के दुरुपयोग को रोकना शामिल है.