scorecardresearch
 

टीम अन्ना घमंडियों का दलः राजेन्द्र सिंह

अन्ना हजारे टीम के महत्वपूर्ण सदस्य रहे ‘जलपुरुष’ राजेन्द्र सिंह का कहना है कि हजारे अपने मकसद से भटक गये है और टीम अन्ना घमंडियों का दल है. उसमें अच्छे लोगों के लिये कोई जगह नहीं है.

Advertisement
X
राजेन्द्र सिंह
राजेन्द्र सिंह

अन्ना हजारे टीम के महत्वपूर्ण सदस्य रहे ‘जलपुरुष’ राजेन्द्र सिंह का कहना है कि हजारे अपने मकसद से भटक गये है और टीम अन्ना घमंडियों का दल है. उसमें अच्छे लोगों के लिये कोई जगह नहीं है.

राजेन्द्र सिंह ने कहा कि अन्ना हजारे ने भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन आरंभ करने से पहले यह तय किया था कि अभियान राजनीतिक नहीं होगा. इसके बावजूद हिसार चुनाव में अन्ना हजारे ने भ्रष्ट उम्मीदवार का समर्थन किया.


उन्होंने कहा, ‘जब अन्ना हजारे ने हिसार में राजनैतिक उम्मीदवार का समर्थन किया मैं नरोबी में था. इस अभियान के राजनीतिक होते ही मैंने टीम अन्ना से अलग होने का फैसला कर लिया. मैं सत्ता की दलाली में भागीदार नहीं बनना चाहता.’ जलपुरुष ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ दिल्ली में हुए आंदोलन को मीडिया की मदद से अच्छा समर्थन मिला जिससे टीम अन्ना सदस्य घमंडी हो गये हैं.

उन्होंने कहा, ‘टीम अन्ना में सबसे खराब सदस्य किरण बेदी और अरविंद केजरीवाल है. दोनों घमंडी हैं, दोनों अधिकारी रहे हैं इसलिये लोगों पर रोब गाठना और अपनी बात थोपना उनकी आदत रही है. टीम अन्ना में अब अच्छे लोगों के लिये कोई जगह नहीं है.’

Advertisement

राजेन्द्र सिंह ने कहा, ‘मैं भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान को नुकसान नहीं पहुचाना चाहता लेकिन इसके अपने उद्देश्य से भटकने के कारण मैंने स्वयं को टीम अन्ना से अलग करने का फैसला किया है.’


उन्होंने कहा, ‘मैंने और पी. वी. राजगोपाल ने यह सोचा था कि अभियान के दौरान जमीन, पानी, और लोगों से जुडे अन्य मुद्दों पर भी काम होगा लेकिन इनपर काम नहीं होने के कारण हम दोनों ने टीम अन्ना का साथ छोड़ा.’


सिंह ने कहा, ‘यह कहना गलत है कि सरकार से डरकर मैंने टीम अन्ना का साथ छोड़ा है. मैं सरकार से नहीं डरता हूं क्योंकि मैंने सरकार से कोई आर्थिक मदद नहीं ली है.’ सिंह ने एक अन्य प्रश्न के जवाब में कहा कि कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह या अन्य किसी राजनैतिक दल के नेता से मेरे कोई राजनीतिक संबंध नहीं है. उन्होंने कहा कि मुझे पक्का भरोसा है कि सरकार शीतकालीन सत्र में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त लोकपाल विधेयक लायेगी.

Advertisement
Advertisement