भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी ने आरोप लगाया कि सरकार सहयोगी दलों को भ्रष्टाचार के मामले में बलि का बकरा बनाने की कोशिश कर रही है जबकि इसके लिए पूरी सरकार जिम्मेदार है.
उन्होंने महंगाई के मुद्दे पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर भी हमला बोला और कहा कि ‘हमारे पास शीर्ष पद पर एक आर्थिक विशेषज्ञ होने के बावजूद’ कीमतें निरंतर बढ़ रही हैं. संप्रग सरकार में भ्रष्टाचार से निपटने पर गठबंधन राजनीति का मुद्दा उठाने के लिए प्रधानमंत्री पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा ‘जहां तक नीतिगत मामलों की बात है तो गठबंधन अड़चन डालता है लेकिन ईमानदारी के मामले में नहीं.’
आडवाणी ने आरोप लगाया, ‘गठबंधन सहयोगियों को भ्रष्टाचार के मामले में बलि का बकरा बनाने का प्रयास किया जा रहा है जिसके लिए समूची सरकार जिम्मेदार है.’ उन्होंने कहा, ‘यह केवल नीति का मामला है जहां गठबंधन अड़चन डालता है लेकिन ईमानदारी के मामले में नहीं. गठबंधन धर्म की कोई बाध्यताएं नहीं हैं.’ यह उल्लेख करते हुए कि कोई भी अकेला दल अपने दम पर केंद्र में नहीं आ सकता आडवाणी ने कहा कि गठबंधन बाध्यता है.
भाजपा नेता ने कहा, ‘यदि 2014 में या इससे पूर्व चुनाव होते हैं तो यह गठबंधन सरकार होगी.’ गठबंधन सहयोगी चुनने के बारे में एक सवाल के जवाब में उन्होंने स्वीकार किया कि जहां तक ईमानदारी के मानक की बात है तो आप किसी तरह की ईमानदारी के व्यवहार की अपनी पार्टी से अपेक्षा कर सकते हैं आप इसे अपने सहयोगियों पर नहीं थोप सकते. उन्होंने कहा कि पार्टी भविष्य में सहयोगी चुनने में अधिक सतर्कता बरतेगी और इसमें किसी भी तरह की खामी से निपटा जाएगा.