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मुख्यमंत्री के आदेश पर शीलू जेल से रिहा

उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती के निर्देश पर बांदा में कथित रूप से बसपा विधायक पुरुषोत्तम नरेश द्विवेदी द्वारा बलात्कार की शिकार बनाए जाने के बाद चोरी के इल्जाम में जेल में बंद अति पिछड़े वर्ग की लड़की शीलू निषाद को शनिवार शाम रिहा कर दिया गया.

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उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती के निर्देश पर बांदा में कथित रूप से बसपा विधायक पुरुषोत्तम नरेश द्विवेदी द्वारा बलात्कार की शिकार बनाए जाने के बाद चोरी के इल्जाम में जेल में बंद अति पिछड़े वर्ग की लड़की शीलू निषाद को शनिवार शाम रिहा कर दिया गया.

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि चोरी के आरोप में गत 12 दिसम्बर को जेल में बंद की गई 17 वर्षीय शीलू को मुख्यमंत्री के आदेश पर रिहा कर दिया गया है.

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने अपने 55वें जन्मदिवस समारोह में शीलू पर चोरी के आरोपों को साजिश का हिस्सा करार देते हुए उसे प्रारम्भिक जांच रिपोर्ट के आधार पर रिहा करने के आदेश दिये थे.

आधिकारिक प्रवक्ता के मुताबिक कानून में ऐसा प्रावधान है जिसके तहत मामला फर्जी साबित होने की स्थिति में मुख्यमंत्री सम्बन्धित विचाराधीन कैदी को रिहा करने का आदेश दे सकता है.

शीलू को रिहा करने का आदेश बांदा की अदालत में उसकी जमानत याचिका पर सुनवाई से दो दिन पहले जारी किये गए हैं.

मायावती ने शीलू प्रकरण की सुनवाई फास्ट ट्रैक अदालत में करवाने और उस लड़की पर साजिशन चोरी का इल्जाम लगाकर परेशान करने में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही.

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इससे पहले गत 12 जनवरी को प्रदेश के कैबिनेट सचिव शशांक शेखर सिंह ने शीलू पर लगे चोरी के आरोपों को सही बताया था.

सिंह ने लखनऊ में संवाददाताओं से कहा था कि शीलू विधायक पुरुषोत्तम नरेश द्विवेदी के घर से भागते वक्त अपने साथ उनका मोबाइल फोन और पांच हजार रुपए ले गई थी तथा उसने उस फोन से 150 काल भी की थी.

{mospagebreak} गौरतलब है कि शीलू ने बांदा के नरैनी से बसपा सांसद पुरुषोत्तम नरेश द्विवेदी और उनके तीन साथियों पर बलात्कार करने और फिर चोरी का इल्जाम लगाकर जेल भिजवाने का आरोप लगाया था.

मुख्यमंत्री मायावती ने मामले की सीबीसीआईडी जांच के आदेश देते हुए आरोपी विधायक को जांच जारी रहने तक पार्टी से निलम्बित कर दिया था. जांच रिपोर्ट मिलने के बाद मुख्यमंत्री के आदेश पर आरोपी विधायक तथा उनके तीनों आरोपी साथियों को गिरफ्तार कर लिया गया था.

कैबिनेट सचिव ने बताया था कि जांच रिपोर्ट में उभरे तथ्यों के मुताबिक शीलू पिछले साल आठ से 12 दिसम्बर तक द्विवेदी के घर में रही और इस दौरान तीन दिन तक उसके साथ कोई अप्रिय घटना नहीं घटी थी.

उन्होंने बताया था कि सीबीसीआईडी ने अपनी रिपोर्ट में शीलू के बयान का हवाला देते हुए कहा है कि गत 11 तथा 12 दिसम्बर को उसके साथ अश्लील घटना हुई थी.

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शीलू ने अपने बयान में द्विवेदी के अलावा उनके तीन साथियों राजेन्द्र शुक्ला, सुरेन्द्र नेता, रावण गर्ग का भी नाम लिया था. शीलू ने गत 10 जनवरी को अतर्रा के न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने प्रार्थनापत्र प्रस्तुत कर विधायक और उनके साथियों पर बलात्कार का आरोप लगाते हुए कहा था कि उसे चोरी के झूठे मामले में फंसाया गया है.

सिंह ने सवालों के जवाब में कहा था, ‘मुख्यमंत्री ने कहा है कि अंतिम जांच में दोषी पाए जाने पर विधायक को पार्टी से बख्रास्त कर दिया जाएगा.’

{mospagebreak} राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी इस प्रकरण का संज्ञान लिया था. गत नौ जनवरी को आयोग के तीन सदस्यीय दल ने कहा था कि उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) विधायक पुरुषोत्तम नरेश द्विवेदी पर बलात्कार का आरोप लगा रही पिछड़ी जाति की नाबालिग लड़की शीलू के बयान से साफ लग रहा है कि उसके साथ अत्याचार हुआ है और प्रशासन ने भी शीलू को न्याय दिलाने में कोताही बरती है.

वानसुक सेन की अगुवाई वाले आयोग के दल ने बांदा जेल में 17 वर्षीय शीलू से मुलाकात की थी. दल के सदस्यों ने बाद में कहा था कि शीलू को हर हाल में न्याय दिलाने की पूरी कोशिश की जाएगी. टीम इस प्रकरण की जांच रिपोर्ट आयोग की अध्यक्ष गिरिजा व्यास को दो दिन के अंदर सौंप देगी.

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शीलू से मुलाकात के बाद आयोग के दल की सदस्य सरला आर्या ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ‘उस नाबालिग लड़की ने दल को जो भी बताया है उससे लगता है कि उस पर अत्याचार हुआ है और प्रशासन ने भी उसे इंसाफ दिलाने के प्रति लापरवाही बरती है. शीलू को न्याय मिले, इसकी पूरी कोशिश की जाएगी. जांच दल मामले की तफ्तीश कर अपनी रिपोर्ट दो दिन के अंदर आयोग की अध्यक्ष गिरिजा व्यास को सौंप देगा.’

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