जबरन उठाए जाने की आशंका जाहिर करते हुए यहां रामलीला मैदान में पिछले नौ दिनों से अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने आज रात अपने समर्थकों से कहा कि वे सांसदों के आवास का घेराव और गिरफ्तारी देकर जेल भरो आंदोलन शुरू करें.
वार्ता के वस्तुत: टूट जाने के बाद अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए हजारे ने कहा कि समाज की मांगों पर अब सरकार ने जिस तरीके से प्रतिक्रिया व्यक्त की है उसने उसके असली चेहरे को उजागर कर दिया है. उसका यह चेहरा तानाशाहों और काले अंग्रेजों का है.
हालांकि, बाद में हजारे पक्ष की सदस्य किरण बेदी ने कहा कि उन्हें दिल्ली के पुलिस आयुक्त से एसएमएस संदेश मिला है कि हजारे को तब तक नहीं उठाया जाएगा जब तक कि चिकित्सक उनकी स्थिति गंभीर नहीं घोषित कर देते. हजारे ने इससे पहले कहा था कि उनके दल को सूचना मिली है कि उन्हें उठाया जा सकता है और तड़के चार बजे के करीब कहीं ले जाया जा सकता है.
हजारे ने देर रात अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा, ‘अगर ऐसा कुछ होता है तो मैं आप सबसे अपील करता हूं कि आप हिंसा का सहारा नहीं लें. मैं सरकार की मंशा को समझता हूं. अगर आप उन्हें रोकने का प्रयास करेंगे तो भारी हिंसा होगी. इस आंदोलन में दरार पैदा करने के लिए वे चाहते हैं कि आप हिंसा का सहारा लें.’ हजारे के एक एक शब्द पर उनके समर्थक जय-जयकार कर रहे थे और तिरंगा लहरा रहे थे.
हजारे ने समर्थकों से अपील की कि अगर उन्हें जेल ले जाया जाता है तो वे शांत रहें. उन्होंने कहा कि अगर कोई हिंसा होती है तो वह इसे बर्दाश्त नहीं कर सकेंगे.
हजारे ने कहा कि अगर उन्हें गिरफ्तार किया जाता है तो उनके समर्थकों को सांसदों के आवास का घेराव करना चाहिए और जेल भरो आंदोलन शुरू करना चाहिए.