राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जयपुर में गांधी जयंती के अवसर पर 4 किलोमीटर की पदयात्रा की. इस पदयात्रा में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट हजारों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ मौजूद रहे. इस यात्रा का आयोजन जयपुर के कांग्रेस दफ्तर से लेकर रामगंज चौराहे के हिदा की मोरी तक हुआ.
पदयात्रा का अयोजन
राजस्थान सरकार द्वारा जोर-शोर से महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मनाई जा रही है. इसके लिए सुबह 7:30 से प्रार्थना सभा से लेकर रात 9:00 बजे तक का 1 सप्ताह का कार्यक्रम तय किया गया है . इस पदयात्रा में सचिन पायलट और अशोक गहलोत बिल्कुल साथ-साथ चल रहे थे. पसीने से तरबतर इन नेताओं के साथ इनके समर्थक भी थे जो गांधी जी के अलावा अपने-अपने नेताओं के पक्ष में भी नारेबाजी कर रहे थे.
यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि संघ के लोग गांधीजी के विरोधी थे. यह लोग उन्हें कहीं पसंद नहीं करते थे. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि संघ भारत की सत्ता पर काबिज होना चाहता था और आज सत्ता संघ के हाथ में आ गई है.
अशोक गहलोत ने आगे कहा, 'सरदार पटेल से इन्होंने माफी मांगी थी कि हम राजनीति नहीं करेंगे मगर पिछले दरवाजे से आज देश के सत्ता पर काबिज हो गए हैं. आज देश का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी है जो संघ का प्रचारक है. यह लोग नफरत फैलाने वाले लोग हैं जो गांधी जी के शांति और अहिंसा के विचारों से कभी सहमत नहीं रहते हैं. हालांकि गांधी जयंती के जरिए ही सही कांग्रेस बड़ी संख्या में आज अपने कार्यकर्ताओं को लेकर सड़क पर उतरने में सफल रही.'
गांधी जयंती के जरिए कांग्रेस की राजनीति?
कहा जा रहा है जिस तरह से बीजेपी लगातार गांधीजी के नाम से कार्यक्रम कर रही है. कांग्रेस में गांधीजी के विरासत पर हक जमाने की एक छटपटाहट दिख रही है.
एक सप्ताह के गाने सप्ताह कार्यक्रम के जरिए कांग्रेसी कोशिश कर रही है कि आने वाले निकाय चुनाव के लिए पार्टी के कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया जाए. उधर, बीजेपी जयपुर में गांधी जयंती पर यात्रा कर रही है. बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा, 'अशोक गहलोत गांधी जी के जयंती पर गांधी जी के नाम से नफरत फैला रहे हैं. अशोक गहलोत के दिल में संघ के प्रति इतनी नफरत है कि केवल बुराई ही बुराई नजर आती है.'