शिरोमणि अकाली दल (ए) के अध्यक्ष और पंजाब के संगरूर से सांसद सिमरनजीत सिंह मान को जम्मू-कश्मीर में घुसने से रोक दिया गया. जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कानून और व्यवस्था का हवाला देकर उन्हें जम्मू-कश्मीर सीमा में दाखिल नहीं होने दिया. इसके बाद सोमवार रात से ही सिमरनजीत और उनके समर्थक कठुआ जिले के लखनपुर बॉर्डर पर डेरा डाले हुए हैं.
सिमरनजीत सिंह मान और उनके समर्थक लखनपुर बॉर्डर पर विरोध कर रहे हैं. पंजाब के रास्ते जम्मू-कश्मीर में लखनपुर बॉर्डर से ही एंट्री मिलती है. मान के समर्थकों का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह कथित रूप से खालिस्तान जिंदाबाद के नारे लगा रहे हैं.
कानून-व्यवस्था का हवाला देकर घुसने से रोका
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कठुआ जिला मजिस्ट्रेट राहुल पांडेय के आदेश पर मान को बॉर्डर पर रोका गया, जिसके बाद उनके समर्थकों ने नारेबाजी की. प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए लखनपुर में धारा-144 लगा दी गई.
मान के समर्थक सोमवार रात से ही लखनपुर बॉर्डर पर डटे हुए हैं. कठुआ के डीसी और एसएसपी ने निजी तौर पर सिमरनजीत से अनुरोध किया कि वह पंजाब लौट जाए, लेकिन वे टस से मस नहीं हुए.
कठुआ के डीएम ने आदेश में कहा कि एसएसपी के जरिए उनके संज्ञान में लाया गया कि मान जम्मू-कश्मीर का दौरा करने वाले थे और उनके इस दौरे से जम्मू-कश्मीर में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है और सार्वजनिक सद्भाव प्रभावित हो सकता है.
'मैं सिख हूं, इसलिए जम्मू-कश्मीर में घुसने नहीं दिया'
जम्मू-कश्मीर में घुसने से रोकने के स्थानीय प्रशासन के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए मान ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वह सिख हैं, इसलिए भगवा पार्टी और आरएसएस ने उन्हें जम्मू-कश्मीर में घुसने नहीं दिया.
उन्होंने पत्रकारों को बताया, 'जम्मू-कश्मीर में कोई कानून नहीं है. यहां कोई लोकतंत्र नहीं है. मैं खुद से यहां कश्मीरी लोगों से मिलने आया था और यह समझने आया था कि आर्टिकल 370 हटने के बाद यहां क्या हो रहा है. मैं यहां की असल तस्वीर दुनिया को दिखाना चाहता था.'
सिमरनजीत सिंह मान के वकील बुधवार को कठुआ की स्थानीय अदालत में याचिका दायर करेंगे, जिसमें जिला प्रशासन से आग्रह किया जाएगा कि सिमरनजीत सिंह मान को जम्मू-कश्मीर में प्रवेश करने दिया जाए.
कौन हैं सिमरनजीत सिंह मान?
बता दें कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के इस्तीफे के बाद खाली हुई संगरूर लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) से उम्मीदवार रहे सिमरनजीत सिंह मान ने जीत दर्ज की थी.
सिमरनजीत सिंह मान इंदिरा गांधी के ऑपरेशन ब्लू स्टार के विरोध में IPS की नौकरी छोड़ने के बाद सुर्खियों में आए थे. वह पंजाब के पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के साढू भाई हैं. कैप्टन अमरिंदर की पत्नी परनीत कौर और सिमरनजीत सिंह मान की पत्नी गीतइंदर कौर सगी बहनें हैं. नौकरी छोड़ने के बाद सिमरनजीत सिंह मान ने राजनीति में कदम रखा. उन्होंने शिरोमणि अकाली दल अमृतसर पार्टी बनाई. सिमरनजीत सिंह मान तरनतारन से दो बार सांसद रह चुके हैं.