चंडीगढ़ में कांग्रेस नेता और पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने भारत-पाकिस्तान सीमा खोलने की मांग की है. उन्होंने कहा कि अगर पंजाब को यूरोपीय संघ के साथ व्यापार से जोड़ा जाता है तो राज्य की तस्वीर बदल सकती है. बाजवा का दावा है कि सीमा खुलने के बाद पंजाब सिंगापुर जैसा बन सकता है. उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से समय लेकर बात करेंगे.
प्रताप बाजवा ने कहा कि प्रधानमंत्री का हालिया पंजाब दौरा उम्मीद भरा रहा है और उन्होंने यूरोपीय संघ के साथ ट्रेड डील की भी बात की है. बाजवा ने कहा कि कांग्रेस हमेशा से ट्रेडिंग रूट और पारंपरिक व्यापार मार्ग खोलने की वकालत करती रही है. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर बॉर्डर ही नहीं खुलेगा तो यूरोपीय संघ से होने वाली ट्रेड डील का पंजाब को क्या फायदा मिलेगा.
'41 दिन में इटली पहुंचता है पंजाब का मार्बल'
उन्होंने कहा कि पंजाब में बेरोजगारी दर सबसे अधिक है और युवाओं को यहीं रोजगार की जरूरत है. इसके लिए कृषि को बढ़ावा देना और पंजाब को दूसरे देशों से जोड़ना जरूरी है. बाजवा ने उदाहरण देते हुए कहा कि राजस्थान से भेजा गया मार्बल गुजरात होकर 41 दिन में इटली के मिलान पहुंचता है, जबकि अगर वही माल अमृतसर से अफगानिस्तान होकर जाए तो सिर्फ 10 दिन में मिलान पहुंच सकता है. उन्होंने कहा कि अमृतसर से इस्तांबुल की दूरी करीब 8 हजार मील है, जो व्यापार के लिहाज से काफी अहम है.
बाजवा ने कहा कि सेना की नियमित भर्ती बंद कर अग्निवीर योजना लागू कर दी गई है. पंजाब की मिट्टी की गुणवत्ता भी खराब हो चुकी है. उन्होंने बताया कि करीब 60 लाख पंजाबी विदेशों में रहते हैं, जो सीमा खुलने के बाद वापस आना चाहेंगे. उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ और पाकिस्तान की सीमा खुले बिना पंजाब की तरक्की संभव नहीं है.
'बजट में किसानों को कुछ भी नहीं मिला'
बजट पर सवाल उठाते हुए प्रताप बाजवा ने कहा कि किसानों को कुछ भी नहीं मिला. न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी अब तक नहीं दी गई है. उन्होंने मांग की कि चंडीगढ़ से कार्गो और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू कराई जाएं. इसके साथ ही हलवारा, आदमपुर और होशियारपुर से भी कार्गो फ्लाइट्स शुरू होनी चाहिए. बाजवा ने कहा कि पाकिस्तान से सीमा खुलने के बाद पंजाब को किसी पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं पड़ेगी.