पंजाब निकाय चुनाव के नतीजे आ चुके हैं, जिसमें सत्ताधारी आम आदमी पार्टी की एकतरफा जीत हुई है. इसी बंपर जीत के बीच सबसे ज्यादा चर्चा सुनाम नगर काउंसिल के वार्ड नंबर 20 की हो रही है. यहां से पहली बार चुनाव मैदान में उतरीं आम आदमी पार्टी की ट्रांसजेंडर उम्मीदवार माही महंत ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है. माही महंत की इस एकतरफा जीत के बाद खुद पंजाब के कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा अपनी पत्नी के साथ उन्हें बधाई देने पहुंचे. इस दौरान मंत्री और उनकी पत्नी ने माही महंत को फूलों का हार पहनाया, फिर उनके पैर छूकर आशीर्वाद भी लिया.
अपनी इस शानदार जीत के बाद माही महंत काफी भावुक नजर आईं. उन्होंने मीडिया से बातचीत में साफ कहा कि लोगों ने उन्हें जो प्यार, सम्मान दिया है, उसका कर्ज वह कभी नहीं उतार सकती हैं. माही ने वादा किया कि चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने जनता से जो भी बातें कही थीं, उन्हें पूरा करने के लिए वह दिन-रात काम करेंगी. उन्होंने बताया कि उनके वार्ड में गलियों, नालियों के विकास का काम पहले से चल रहा है, जिसे अब और तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा. माही का मानना है कि यह जीत उनकी अकेले की नहीं बल्कि पूरे समाज की है, जो हमेशा उनके साथ मजबूती से खड़ा रहा. जनता से मिले इस भारी समर्थन को देखकर उन्होंने यहां तक कह दिया कि शायद अगली बार उन्हें वोट मांगने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी.
कैबिनेट मंत्री ने फूलों का हार पहनाकर लिया आशीर्वाद
माही महंत की इस ऐतिहासिक जीत की चर्चा इसलिए भी सबसे ज्यादा हो रही है, क्योंकि नतीजे आने के बाद पंजाब के कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा अपनी पत्नी के साथ उन्हें बधाई देने पहुंचे. इस दौरान मंत्री, उनकी पत्नी ने माही महंत को फूलों का हार पहनाया, फिर उनके पैर छूकर आशीर्वाद भी लिया. राजनीति के गलियारों में यह पल हर किसी के आकर्षण का केंद्र बन गया.
कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने इस मौके पर मीडिया से बात करते हुए एक पुरानी याद भी साझा की. उन्होंने बताया कि माही महंत के परिवार के साथ उनका पुराना, बहुत गहरा सामाजिक रिश्ता है. माही महंत के पूर्वज पहले भी इसी वार्ड से एमसी (नगर पार्षद) रह चुके हैं. उस दौर में अमन अरोड़ा के पिता खुद विधायक थे, जिन्होंने माही के परिवार को चुनाव का टिकट दिया था. मंत्री ने बताया कि माही महंत हमेशा से समाज सेवा करना चाहती थीं, इसीलिए उन्हें पार्टी में शामिल किया गया. आज जनता ने उनकी इस सेवा भावना पर मुहर लगाते हुए उन्हें एकतरफा जीत दिला दी.
(इनपुट कुलवीर सिंह)